Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा-2023 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच कर रही CID की पड़ताल में परीक्षा की गोपनीय प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ रही है। जांच के मुताबिक, मानेसर स्थित ICN एजेंसी के कर्मचारी समीर कुमार के पास प्रश्नपत्र तैयार होने की प्रक्रिया तक पहुंच थी।
परीक्षा से पहले सवाल और जवाब याद कर लिए थे
CID की जांच के अनुसार, ICN को प्रश्नों की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, जंबलिंग और OMR शीट तैयार करने जैसे संवेदनशील काम सौंपे गए थे। आरोप है कि इसी प्रक्रिया से जुड़े समीर ने परीक्षा से पहले सवाल और जवाब याद कर लिए थे। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पहुंच का इस्तेमाल कथित पेपर लीक के लिए किस तरह किया गया।
सफल अभ्यर्थियों में शामिल था समीर
समीर को CID ने अगस्त 2026 में गिरफ्तार किया था। उपलब्ध जांच रिपोर्टों के अनुसार, वह परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में शामिल था। मामले में परीक्षा संचालन से जुड़ी ICN के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच की एक अहम कड़ी वित्तीय लेन-देन भी है। समीर से जुड़े बैंक खातों की पड़ताल में UPI के जरिए 98 हजार रुपये और 30 हजार रुपये के लेन-देन सामने आने की बात कही गई है। CID इन लेन-देन का संबंध कथित सिंडिकेट से जोड़कर देख रही है।
कुछ कोचिंग संस्थानों और कथित एजेंट नेटवर्क तक पहुंची CID
जांच का दायरा रांची के कुछ कोचिंग संस्थानों और कथित एजेंट नेटवर्क तक भी पहुंच चुका है। CID सफल अभ्यर्थियों, एजेंटों और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों के बीच संभावित वित्तीय और आपराधिक कड़ियों की पड़ताल कर रही है। सितंबर में CID की SIT ने JSSC कार्यालय पहुंचकर संबंधित दस्तावेज भी खंगाले थे।
JSSC CGL मामले में जांच अभी जारी है। CID की पड़ताल पूरी होने के बाद ही कथित पेपर लीक में अलग-अलग लोगों की भूमिका और वित्तीय नेटवर्क की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

4 years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.








