Bihar News: बिहार में मानसून के मौसम में बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने के बावजूद बालू माफिया इसका उल्लंघन कर खुलेआम अवैध खनन और भंडारण कर रहे हैं. बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना जिले के मनेर और बिहटा इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 85,000 CFT से ज्यादा अवैध बालू का भंडार जब्त किया. इतना बालू करीब 400 ट्रकों के बराबर है, और इसे गांवों में छिपाकर रखा गया था.
बालू माफिया रणधीर राय के अड्डों पर छापेमारी:
EOU की टीम ने सबसे पहले मनेर क्षेत्र के चौरासी और सूअरमरवां गांवों में छापेमारी की. ये गांव बालू माफिया रणधीर राय के दबदबे वाले माने जाते हैं. यहां खुले मैदानों में बालू ढेर के रूप में पड़ा हुआ था, जिसे घाटों से चोरी-छिपे निकालकर गांव में स्टॉक कर लिया गया था. बाद में इसे ऊंचे दामों पर बेचा जाने की योजना थी. इसके अलावा, बिहटा के पांडेयचक गांव में भी बालू का बड़ा जखीरा मिला, जहां दो-तीन किलोमीटर तक का इलाका बालू से भरा हुआ था.
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96 लाख रुपये का अवैध बालू जब्त:
EOU की रेड के बाद, खनन विभाग ने मनेर थाने में FIR दर्ज करवाई. कुल जब्त बालू की कीमत करीब 96 लाख रुपये आंकी गई है. मनेर के चौरासी गांव में 25 जगहों से 43,350 CFT और सूअरमरवां में 15 जगहों से 42,320 CFT बालू जब्त किया गया. विभाग ने इस बालू को अपने सरकारी स्टॉक में शामिल कर लिया है.
रेड में प्रशासनिक कार्रवाई:
रेड के दौरान फुलवारी, दानापुर और बिहटा के SDPO, जिला खनन अधिकारी, B-SAP की फोर्स और आसपास के थानों की पुलिस टीम भी साथ थी. रात के अंधेरे में दर्जनों पुलिस गाड़ियां जब गांवों में घुसीं, तो दियारा इलाके में सन्नाटा छा गया.
बालू खनन पर चार महीने की पाबंदी, माफिया की नीयत पर सवाल:
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 15 जून से चार महीने के लिए बालू खनन पर पाबंदी लगा दी थी. इसके बावजूद बालू माफिया इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर खुलेआम अवैध खनन और भंडारण में लगे हुए हैं. इस अपराध को रोकने के लिए EOU ने विशेष टीम बनाई है, जिसने इससे पहले भोजपुर जिले में भी छापेमारी की थी. अब पटना में भी माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है.













