करीब 18 साल पुराने 2008 Ahmedabad Serial Blast मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 38 दोषियों को दी गई फांसी की सजा और 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए सभी दोषियों की अपील खारिज कर दी।
मामले की सुनवाई जस्टिस ए.वाई. कोगजे और जस्टिस समीर दवे की खंडपीठ ने की। अदालत ने माना कि विशेष अदालत द्वारा दोषियों के खिलाफ दिए गए फैसले में किसी तरह की कानूनी त्रुटि नहीं है।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने आदेश दिया कि—
- मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
- गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये दिए जाएं।
- सामान्य रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
कोर्ट ने यह पूरी राशि 31 मार्च 2027 तक वितरित करने का निर्देश दिया है।
2022 में विशेष अदालत ने सुनाई थी सजा
इस मामले में फरवरी 2022 में अहमदाबाद की विशेष अदालत ने 49 दोषियों को सजा सुनाई थी। इनमें 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। हाईकोर्ट ने अब उस फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है।
अदालत ने कहा कि दोषी प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े थे और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
70 मिनट में हुए थे 21 धमाके
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर में महज 70 मिनट के भीतर 21 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हमलों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आतंकियों ने अस्पतालों को भी निशाना बनाया था, जहां घायलों का इलाज चल रहा था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने फैसले का किया स्वागत
गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों की फांसी और 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखा जाना भारत के सबसे सख्त और ऐतिहासिक न्यायिक फैसलों में से एक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर “जय हिंद” लिखकर फैसले का स्वागत किया।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








