Jharkhand: झारखंड में आज छात्र संगठनों के कड़े विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। छात्र संगठन AYESHA और RYA ने नीट (NEET) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ी और राज्य सरकार के नए क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ 29 मई 2026 को राज्यव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है।
इस आंदोलन का व्यापक असर हजारीबाग, बोकारो और राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जहां नेशनल हाईवे (NH) पर ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं।
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Jharkhand में छात्रों का बीच सड़क पर धरना
छात्रों के इस आंदोलन के कारण हजारीबाग और बोकारो जैसे इलाकों से स्थिति गंभीर देखने को मिल रही है। आंदोलनकारी छात्रों ने बीच सड़क पर धरना देकर यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया है। नेशनल हाईवे पर वाहनों, विशेषकर ट्रकों की लंबी लाइनें लग गई हैं, जिससे आम जनता और परिवहन सेवा से जुड़े लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी रांची में भी छात्रों ने विभिन्न इलाकों में जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
छात्र संगठनों का आरोप: “उच्च शिक्षा को निजीकरण की ओर धकेल रही सरकार”
आंदोलन कर रहे AYESHA और RYA के सदस्यों का आरोप है कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी हालिया संकल्प राज्य की उच्च शिक्षा संरचना को तेजी से निजीकरण और कॉरपोरेट मॉडल की ओर ले जा रहा है।
छात्रों के विरोध के मुख्य बिंदु हैं:
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पदों में भारी कटौती: विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन के बहाने पदों को कम किया जा रहा है।
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सीटों की कमी: कॉलेजों में छात्रों के लिए सीटों की संख्या घटाई जा रही है।
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क्लस्टर सिस्टम का विरोध: कॉलेजों को क्लस्टर सिस्टम में बांटने की पहल का सीधा असर वंचित समुदायों और महिला छात्राओं पर पड़ेगा।
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ड्रॉपआउट रेट बढ़ने की आशंका: छात्रों का कहना है कि इन नीतियों से गरीब और महिला छात्रों में ड्रॉपआउट रेट बढ़ेगा और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच और सीमित हो जाएगी।
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आर्थिक बोझ: रेगुलर कोर्सों की जगह वोकेशनल और सेल्फ-फाइनेंस मोड को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छात्रों पर पढ़ाई का खर्च बढ़ेगा और शिक्षण संस्थान ऋण आधारित प्रणाली में बदल जाएंगे।
NEET परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक से छात्र परेशान
एक तरफ जहां राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ गुस्सा है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय स्तर पर नीट (NEET), नेट (NET) और एसएससी (SSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसके साथ ही सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में आ रही दिक्कतों को लेकर भी छात्रों में भारी आक्रोश है। छात्रों की मांग है कि इन सभी प्रणालियों में सुधार किया जाए और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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