Palamu: पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर में उपजे हालिया संवेदनशील भूमि विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक बेहद गंभीर और निष्पक्ष दृष्टिकोण सामने रखा है।
उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाते हुए उसे ‘स्वान दृष्टि’ (सतही और तात्कालिक कार्रवाई) का परित्याग कर ‘सिंह दृष्टि’ (मूल कारण पर प्रहार) की नीति अपनाने की बड़ी राजनैतिक नसीहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ही पार्टी के स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया की एकतरफा बयानबाजी पर गहरी असहमति जताई है।
न्याय के सिद्धांत और महाभारत का दिया हवाला
भाजपा नेता ज्योतिरीश्वर सिंह ने पलामू पुलिस द्वारा दबाव में लिए जा रहे निर्णयों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। उन्होंने न्याय के शाश्वत सिद्धांतों का उदाहरण देते हुए कहा, “जब कोई सिंह पर लाठी से वार करता है, तो सिंह लाठी को नहीं पकड़ता, बल्कि लाठी चलाने वाले पर प्रहार करता है। इसके विपरीत, स्वान (कुत्ता) केवल लाठी को पकड़ने के लिए दौड़ता है और मूल कारण को छोड़ देता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर मामले में प्रशासन केवल सतही और एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही, एक पक्ष के लोगों के हथियारों का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करना सीधे तौर पर भीड़ के दबाव और पूर्वाग्रह को दर्शाता है। उन्होंने महाभारत का संदर्भ देते हुए कहा कि द्वंद्व में किसी एक पक्ष की जान-माल की हानि हो जाने से ही दूसरा पक्ष स्वतः ‘अपराधी’ या ‘दबंग’ घोषित नहीं हो जाता। प्रशासन को इस विवाद के मूल कारण यानी ‘जमीन विवाद’ की गहराई में जाना चाहिए।
भाजपा विधायक के बयान पर आपत्ति, शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग
ज्योतिरीश्वर सिंह ने साफ कहा कि पलामू हमेशा से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है। ऐसे में घटना की शुरुआत में ही स्थानीय भाजपा विधायक आलोक चौरसिया के एकतरफा बयानों से समाज में गलत और असंतुलित संदेश गया है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और पूर्व सीएम रघुवर दास सहित शीर्ष नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की कि रामपुर मामले की सच्चाई जानने के लिए एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष प्रांतीय जांच दल भेजा जाए, ताकि कोई इस घटना की आड़ में नफरत फैलाकर अपनी राजनीतिक रोटियां न सेक सके।
5 जून को प्रस्तावित भाकपा माले की सभा पर रोक लगाने की चेतावनी
क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए भाजपा नेता ने जिला प्रशासन को समय रहते कदम उठाने की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि आगामी 5 जून को रामपुर में भाकपा माले की एक जनसभा प्रस्तावित है। इस अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल में ऐसी किसी बाहरी राजनीतिक सभा से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का बड़ा खतरा है। उन्होंने पलामू उपायुक्त (DC) से मांग की है कि किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए इस प्रस्तावित सभा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

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