Ranchi: JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में कथित धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने परीक्षा माफिया और कोचिंग संस्थानों के बीच गठजोड़ की पड़ताल तेज कर दी है। रविवार को सीआईडी की विशेष टीम ने रांची और हजारीबाग में कई ठिकानों पर छापेमारी की।
हजारीबाग में मेधा कोचिंग सेंटर की जांच
रांची में टीम ने लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला और उसके संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास की तलाशी ली। हजारीबाग में मेधा कोचिंग सेंटर में भी जांच की गई। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, दोनों जगहों से अभ्यर्थियों से सेटिंग और लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
सिंडिकेट में कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भूमिका अहम
जांच में सामने आया है कि कथित सिंडिकेट में कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भूमिका अहम थी। पूर्व में गिरफ्तार एजेंटों और चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान इन संस्थानों के नाम सामने आए थे। सीआईडी अब जब्त डेटा, बैंक खातों के लेनदेन और संचालकों की भूमिका का सत्यापन कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, गड़बड़ी केवल सामान्य नकल तक सीमित नहीं थी। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने खाली ओएमआर शीट जमा की, जिसे बाद में भरा गया। वहीं परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र कोचिंग संस्थानों तक पहुंचाकर एक्सपर्ट से हल कराने और अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की बात भी जांच में सामने आई है।
मामले में अबतक 22 लोग गिरफ्तार
सीआईडी इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि सात नामजद और संदिग्ध आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
इधर, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से एसआईटी ने रविवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की। तीनों को आमने-सामने बैठाकर आयोग, बिचौलियों, कथित लेनदेन और परीक्षा में उनकी भूमिका से जुड़े सवाल पूछे गए।

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