World News: नेपाल में कुदरत का कहर टूट पड़ा है. बता दें, 4 अक्टूबर की रात हुई बारिश ने यहां भारी तबाही मचाई है. इससे पहले भी जनरेशन Z के हिंसक प्रदर्शनों के कारण नेपाल को बहुत कुछ झेलना पड़ा था. वहीं पूर्वी नेपाल में आई इश बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है, कई लोग लापता है.
सबसे ज्यादा तबाही इस जिले में हुआ
इसके कारण सबसे ज्यादा नेपाल का इलाम जिला प्रभावित हुआ है. यहां करीब 43 लोगों के शव को मलबे से निकाला गया है. साथ ही की जगहों पर भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आई है. जिसके कारण नेपाल का 24 हाइवे पूरी बंद कर दिया गया है.
कोसी से ज्यादा लोग मरे
कोसी बैराज के सारे के सारे यानी 56 फाटक कोल दिए गए है. जिससे प्रति सेकंड 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं कोशी में 26000 परिवारों को विस्थापित किया गया है. बता दें, मृतकों संख्या सबसे ज्यादा यही से है.
मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
इस घटना को लेकर नेपाल सरकार भी मुस्तैद है. उन्होनें राहच-बचाव कार्य तेज करते हुए पश्चिम नेपाल में फंसे लोगों को काठमांडू लाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट सेवा शुरु किया है. वहीं, सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख नेपाली रुपए का मुआवजा देने ऐलान किया है.
नेपाल सेना, पुलिस और APF के टीम राहत-बचाव कार्य में लगे हुए है. जानकारी के अनुसार, एक गर्भवति महिला को 4 अन्य लोगों के साथ हेलीकॉिप्टर से सुरक्षित निकाला गया.
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नदियों का बढ़ता जलस्तर
बता दें, पूर्वी नेपाल की 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. मौसम विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
जलविद्युत परियोजनाओं पर असर
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IPPAN) के अनुसार, 18 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 13 चालू और 5 निर्माणाधीन हैं। इससे बिजली उत्पादन में भी रुकावट आई है।
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