मंगलवार, अक्टूबर 6, 2026
Khabar Mantra
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी
Khabar Mantra

गया जी में एकादशी श्राद्ध का क्या है महत्व? जान लें एकादशी श्राद्ध से जुड़ी ये महत्वपूर्ण बातें

Gaya Ji Ekadashi Shradh: गया जी में एकादशी श्राद्ध का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जानें एकादशी श्राद्ध किस पितर के लिए किया जाता है और पिंडदान-तर्पण की विधि क्या है।

अक्टूबर 6, 2026
in धर्म-अध्याय
A A
गया जी में एकादशी श्राद्ध के दौरान पिंडदान और तर्पण करते श्रद्धालु

गया जी में एकादशी श्राद्ध के दौरान पितरों की शांति और सद्गति के लिए पिंडदान और तर्पण की धार्मिक परंपरा

Share on FacebookShare on Twitter
WhatsApp चैनल से जुड़ें ताजा समाचार सीधे WhatsApp पर पाएं
जॉइन करें
Google News पर खबर मन्त्र को फॉलो करेंझारखंड की हर ब्रेकिंग खबर के लिए स्टार दबाएं
फॉलो करें
यह खबर सुनेंऑडियो
समय: ~7 मिनट•हिंदी बुलेटिन

Gaya Ji Ekadashi Shradh: पितृ पक्ष में हर तिथि का अपना धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी क्रम में एकादशी तिथि को किया जाने वाला श्राद्ध भी विशेष माना जाता है। गया जी में इस दिन पूर्वजों की शांति और सद्गति की कामना से पिंडदान और तर्पण करने की परंपरा है। जानिए एकादशी श्राद्ध किस पितर के लिए किया जाता है और गया जी में इसकी क्या मान्यता है।

Table of Contents

Toggle
  • एकादशी श्राद्ध किस पूर्वज के लिए किया जाता है?
    • गया जी में एकादशी श्राद्ध का क्या महत्व है?
      • गया जी में एकादशी श्राद्ध कैसे किया जाता है?
      • श्राद्ध के बाद क्या किया जाता है?
        • पितरों का तर्पण क्यों किया जाता है?

पितृ पक्ष हिंदू धर्म की उन प्रमुख परंपराओं में शामिल है, जब परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों का स्मरण कर उनके लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। पितृ पक्ष की अलग-अलग तिथियां पूर्वजों की मृत्यु तिथि के आधार पर महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन्हीं में एकादशी तिथि भी शामिल है।

📌 यह भी पढ़ें:
  • क्या माता सीता के श्राप से सूख गई फल्गु नदी? जानें फल्गु नदी की कहानी
  • राशिफल 6 अक्टूबर 2026: इन राशियों को मिल सकता है नया अवसर, इनके डूबेंगे पैसे-जाने कैसा रहेगा आपका दिन
  • Rashifal Today 5 October 2026: आज इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग; पढ़ें दैनिक राशिफल

एकादशी श्राद्ध किस पूर्वज के लिए किया जाता है?

धार्मिक परंपरा के अनुसार, जिस व्यक्ति की मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो, उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की एकादशी तिथि पर किया जाता है। इसमें परिवार के दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी या अन्य पूर्वज शामिल हो सकते हैं। श्राद्ध कर्म के दौरान संबंधित पितर का नाम और गोत्र लेकर उनका स्मरण किया जाता है। इसके बाद परंपरा के अनुसार तर्पण और पिंडदान किया जाता है।

अगर किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या तय तिथि पर श्राद्ध नहीं हो सका है, तो ऐसे मामलों में सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने की परंपरा बताई जाती है।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
Special Report

झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण
Special Coverage
झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण

गया जी में एकादशी श्राद्ध का क्या महत्व है?

बिहार का गया जी पितृ कर्म और पिंडदान के लिए प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थलों में माना जाता है। यहां फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और विभिन्न पिंड वेदियों पर पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यता है कि गया में पिंडदान करने से पितरों की शांति और सद्गति की कामना की जाती है। गया से जुड़ी धार्मिक परंपराओं में भगवान विष्णु और गयासुर की कथा का भी उल्लेख मिलता है। इसी वजह से गया को पितृ कर्म के लिए महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।

गया जी में एकादशी श्राद्ध कैसे किया जाता है?

गया जी में श्राद्ध की प्रक्रिया परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक विधि के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर इसकी शुरुआत स्नान और शुद्धता के बाद पितरों का स्मरण कर संकल्प लेने से होती है।

ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Updates
ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
  • संकल्प के दौरान संबंधित पितर का नाम और गोत्र लिया जाता है।
  • परंपरा के अनुसार चावल, तिल, जौ, दूध और घी आदि से पिंड तैयार किए जाते हैं।
  • पिंड को निर्धारित वेदी या धार्मिक स्थल पर पितर के नाम से अर्पित किया जाता है।
  • इसके बाद जल और तिल के माध्यम से तर्पण किया जाता है।
  • गया जी की अलग-अलग पिंड वेदियों पर स्थानीय परंपरा के अनुसार श्राद्ध कर्म संपन्न कराया जाता है।

गया जी में श्राद्ध करने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय आचार्य से विधि और संबंधित वेदी की जानकारी लेना उचित माना जाता है।

श्राद्ध के बाद क्या किया जाता है?

श्राद्ध कर्म पूरा होने के बाद ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने की परंपरा है। परिवार अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान भी कर सकता है।

कई परिवार अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार गाय, कौए और अन्य जीवों के लिए भी भोजन निकालते हैं। इन सभी परंपराओं का उद्देश्य पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करना माना जाता है।

खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषण
Exclusive

पितरों का तर्पण क्यों किया जाता है?

तर्पण को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने की धार्मिक परंपरा माना जाता है। पितृ पक्ष के दौरान परिवार अपने दिवंगत सदस्यों को याद करता है और उनकी शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना करता है।

एकादशी श्राद्ध में विशेष रूप से उस पितर का स्मरण किया जाता है, जिसकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो। गया जी में किया जाने वाला पिंडदान और तर्पण इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

ध्यान रखें: श्राद्ध और पिंडदान की विधि अलग-अलग परिवारों, क्षेत्रों और धार्मिक परंपराओं में कुछ भिन्न हो सकती है। इसलिए गया जी में पितृ कर्म कराते समय स्थानीय योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में विधि पूरी करना बेहतर माना जाता है।

Ritika Singh
Ritika Singh

कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।

ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Video
खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट
Exclusive Report
खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट

Related Posts

माता सीता द्वारा गयाजी में राजा दशरथ का पिंडदान और फल्गु नदी की पौराणिक कथा
धर्म-अध्याय

क्या माता सीता के श्राप से सूख गई फल्गु नदी? जानें फल्गु नदी की कहानी

अक्टूबर 6, 2026
राशिफल 6 अक्टूबर 2026: इन राशियों को मिल सकता है नया अवसर, इनके डूबेंगे पैसे-जाने कैसा रहेगा आपका दिन
धर्म-अध्याय

राशिफल 6 अक्टूबर 2026: इन राशियों को मिल सकता है नया अवसर, इनके डूबेंगे पैसे-जाने कैसा रहेगा आपका दिन

अक्टूबर 6, 2026
आज का राशिफल 5 अक्टूबर 2026 | Rashifal Today 5 October 2026 Daily Horoscope
धर्म-अध्याय

Rashifal Today 5 October 2026: आज इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग; पढ़ें दैनिक राशिफल

अक्टूबर 5, 2026
Next Post
50–60 people jumped into the river upon seeing the police; two drowned in the Punpun River.

पुलिस को देख नदी में कूदे 50-60 लोग, पुनपुन नदी में डूबने से दो की मौत

Ranchi echoes with slogans of ‘Remove Gyanesh Kumar’; Youth Congress lays siege to Election Commission office.

‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ के नारों से गूंजा Ranchi, यूथ कांग्रेस ने चुनाव आयोग कार्यालय का किया घेराव

Tara Sutaria and Veer Pahadia have separated! What happened after the AP Dhillon concert?

Tara Sutaria–Veer Pahariya का Breakup! क्या एपी ढिल्लों का कॉन्सर्ट बना वजह?

Yash's latest look for 'Toxic'

Yash's latest look for 'Toxic'

महिन्द्रा की धांसू SUV XUV 7XO लॉन्च

Ashnoor Kaur wreaked havoc in her hot look

Hot Look में आश्नूर कौर ने ढाया कहर

माता सीता द्वारा गयाजी में राजा दशरथ का पिंडदान और फल्गु नदी की पौराणिक कथा

क्या माता सीता के श्राप से सूख गई फल्गु नदी? जानें फल्गु नदी की कहानी

अक्टूबर 6, 2026

‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ के नारों से गूंजा Ranchi, यूथ कांग्रेस ने चुनाव आयोग कार्यालय का किया घेराव

पुलिस को देख नदी में कूदे 50-60 लोग, पुनपुन नदी में डूबने से दो की मौत

गया जी में एकादशी श्राद्ध का क्या है महत्व? जान लें एकादशी श्राद्ध से जुड़ी ये महत्वपूर्ण बातें

बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, प्रियंका गांधी हिरासत में; INDIA गठबंधन का संसद से निर्वाचन आयोग तक हल्ला बोल!

हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी तीनों फॉर्मेट की कप्तानी, बोलीं- कप्तानी का अध्याय खत्म, लेकिन सफर जारी है

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • Home
  • Privacy Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Terms of Service (नियम और शर्तें)
  • Contact Us
  • Sitemap

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
व्हाट्सएप शेयर ग्रुप से जुड़ें
✕
अगला लेख
✕

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी

© 2025 Khabar Mantra