Ranchi: असम की राजनीति में बड़ा मोड़ सामने आया है। लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि अब विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा और 11 मई के बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है।
102 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की
बताते चलें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की। भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) को 10-10 सीटें मिलीं।
वहीं विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस को 15 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। पार्टी के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई की हार भी कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। उन्हें भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने जोरहाट सीट से 23 हजार से ज्यादा वोटों से हराया।
नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर सकती है बीजेपी
इस्तीफे के बाद राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया है और हिमंता सरमा को नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है। इस कदम से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर सकती है।
Read More- बड़ी खबर: JAC बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, यहां चेक करें अपना रिजल्ट
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बना सकती है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच भाजपा ने केंद्रीय स्तर पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया है, जो विधायक दल की बैठक में शामिल होकर अंतिम फैसला लेंगे।
Read More- रांची रिंग रोड में भीषण सड़क हादसा, बोरिंग ट्रक के टक्कर से पलटी कार-एक ही परिवार के कई लोग घायल
अगला सीएम कौन बनेगा, सस्पेंस बरकरार
गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा 2021 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, जब उन्होंने सरबानंद सोनोवाल की जगह ली थी। अब सवाल यह है कि क्या भाजपा उन्हें फिर से मौका देगी या राज्य में नया नेतृत्व सामने आएगा।
Read More- थलापति सरकार का फार्मूला तैयार! ऐसा होगा बहुमत का गणित और गठबंधन का नया समीकरण
फिलहाल असम की राजनीति में सस्पेंस बरकरार है। आने वाले दिनों में विधायक दल की बैठक और पार्टी हाईकमान का फैसला राज्य की दिशा तय करेगा।








