Ranchi: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत को पूरी तरह बदल दिया है। थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन ‘चेन्नई के किले’ पर कब्जा करने के लिए उसे अभी 11 और विधायकों की दरकार है। विजय खुद दो सीटों पर जीते हैं, जिसके कारण सदन की प्रभावी संख्या और बहुमत का गणित बेहद दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस के साथ डील फाइनल! क्या टूट जाएगा DMK का साथ?
सूत्रों के मुताबिक, विजय ने सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। सबसे बड़ी खबर यह है कि 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने TVK को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद दशकों पुराना DMK-कांग्रेस गठबंधन टूटने की कगार पर है। विजय के करीबी सलाहकार एसए चंद्र को गठबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चर्चा है कि कांग्रेस को 2 और अन्य सहयोगी दलों को 3-4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं।
जादुई आंकड़े का गणित: कैसे पार होगी 118 की बाधा?
विजय की पार्टी के पास फिलहाल 107 प्रभावी सीटें (एक सीट छोड़ने के बाद) हैं। बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए।
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प्लान A: कांग्रेस (5), VCK (2), CPI (2) और CPM (2) को साथ लाकर 11 विधायकों की कमी पूरी करना।
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प्लान B: AIADMK में सेंधमारी। TVK विधायक संगोटे श्रीनिवासन पूर्व AIADMK नेताओं और विधायकों के संपर्क में हैं।
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प्लान C: ‘फ्लोर टेस्ट मैनेजमेंट’। यदि विपक्ष के 30 विधायक सदन से अनुपस्थित रहते हैं, तो बहुमत का आंकड़ा गिरकर 103 पर आ जाएगा, जिससे विजय आसानी से विश्वास मत जीत लेंगे।
7 मई को शपथ ग्रहण? दावों में कितना दम
TVK के मुख्य प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा है कि विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि, जानकारों का मानना है कि सत्ता की राह इतनी आसान नहीं है। सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार के अनुसार, विजय ने 35% वोट हासिल कर दोनों बड़े गठबंधनों को धोबी पछाड़ दी है। अब कोई भी पार्टी उन्हें सत्ता से बाहर रखकर जनता का गुस्सा मोल नहीं लेना चाहेगी।
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AIADMK और छोटे दलों की दुविधा
राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि VCK और वामपंथी दल DMK के पुराने साथी हैं, इसलिए उनका विजय के साथ जाना एक बड़ा रिस्क होगा। ऐसे में विजय के लिए AIADMK का समर्थन या उनके विधायकों का सहयोग सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
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तमिलनाडु की जनता अब सांसें थामकर 7 तारीख का इंतजार कर रही है। क्या थलापति का फिल्मी करिश्मा अब विधानसभा में ‘सुपरहिट’ साबित होगा? यह देखना दिलचस्प होगा।







