रांची: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) रांची में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। छात्र संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को पद से हटाने और कैंपस में बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित हॉस्टल परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं। बैनर और पोस्टर के जरिए छात्र संस्थान प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले कई महीनों से संस्थान में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
IIIT रांची के निदेशक को हटाने की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विद्यार्थियों के मुताबिक, वे हर साल पढ़ाई और अन्य मदों में करीब चार लाख रुपये फीस के रूप में देते हैं। इसके बावजूद छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ते हैं। छात्रों ने संस्थान की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन से हुई छात्रों की मुलाकात
सोमवार शाम करीब सात बजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एके भट्ट, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव और फैकल्टी व स्टाफ के सदस्य प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं और निदेशक को हटाने की मांग दोहराई। चेयरमैन ने छात्रों की बातें गंभीरता से सुनीं और मंगलवार तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का संकेत दिया।
हालांकि, छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि निदेशक को हटाने के बाद संस्थान की अन्य समस्याओं को भी उच्च अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
कैंटीन, हॉस्टल और सुरक्षा व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल
IIIT रांची के छात्रों ने कैंटीन में मिलने वाले भोजन, छात्रावास की सुरक्षा और परिसर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि अधिक फीस देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। छात्रों ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरों और निगरानी व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताया है। उनका कहना है कि संस्थान प्रबंधन को इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने खेलगांव चौक जाम करने की चेतावनी भी दी है।
छात्र आदित्य की मौत के बाद चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल
प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस में एंबुलेंस, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। छात्रों का दावा है कि समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता मिलती, तो आदित्य की जान बच सकती थी। उन्होंने लिफ्ट, बिजली और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी उठाई है।
हालांकि, छात्रों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और छात्र की मौत के कारणों से संबंधित जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत की परिस्थितियों और चिकित्सा सहायता में कथित लापरवाही को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
निदेशक बोले- समाधान निकालने का प्रयास जारी
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि इस घटना से संस्थान के सभी सदस्य मर्माहत हैं। उन्होंने मामले का समाधान निकालने के प्रयास की बात कही और कहा कि इसके लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है।
फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। अब सबकी नजर संस्थान प्रबंधन और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अगली कार्रवाई पर है। छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है और आदित्य की मौत की जांच में क्या सामने आता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








