Jamtara: जामताड़ा जिले में आपूर्ति विभाग एवं उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के कार्यों की समीक्षा को लेकर बुधवार को समाहरणालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने की। इस दौरान खाद्यान्न वितरण, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस), दाल-भात योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
करीब 4000 अयोग्य राशन कार्डधारी चिन्हित किए गए हैं
समीक्षा के दौरान फतेहपुर प्रखंड में खाद्यान्न भंडारण की कमी को देखते हुए नए गोदाम के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही जानकारी दी गई कि जिले में तीन नए गोदाम निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। उपायुक्त ने गोदामों की क्षमता, रखरखाव और भौतिक स्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा।
बैठक में सामने आया कि सत्यापन के दौरान करीब 4000 अयोग्य राशन कार्डधारी चिन्हित किए गए हैं। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर हटाया जाए और उनके स्थान पर योग्य एवं जरूरतमंद लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार चलाने और पीडीएस डीलरों के साथ बैठक कर कार्रवाई तेज करने को कहा गया।
20 से पहले खाद्यान्न वितरण अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों में स्पष्ट रूप से खाद्यान्न स्टॉक, वितरण माह और लाभुकों की जानकारी प्रदर्शित करने के लिए बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी लाभुकों को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न मिलना सुनिश्चित किया जाए। पीवीटीजी डाकिया योजना के तहत प्रत्येक माह 20 तारीख से पहले खाद्यान्न वितरण अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्रों के संचालन की समीक्षा करते हुए स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1.95 लाख क्विंटल धान की खरीद हो पूरी
धान अधिप्राप्ति की समीक्षा में बताया गया कि जिले को मिले दो लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 1.95 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही शेष लाभुकों का ई-केवाईसी एक माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के कार्यों की समीक्षा में बुनियादी सुविधाओं की कमी, विशेषकर पानी और शौचालय की समस्या पर ध्यान दिलाया गया, जिस पर आवश्यक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, आयोग के सदस्य, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








