Ranchi News: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) में लंबे समय से आउटसोर्स और मानव दिवस के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों के नियमित नियुक्ति के मुद्दे ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने आगामी नियमित नियुक्तियों में वर्षों से काम कर रहे मानव दिवस कर्मियों को प्राथमिकता देने और उम्र सीमा में मिलने वाली छूट को बढ़ाने की मांग की है।
संघ की ऑनलाइन बैठक सोमवार को केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा, नियमित नियुक्ति और JBVNL में लंबे समय से खाली पड़े तकनीकी पदों पर भर्ती समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
उम्र सीमा में 5 की जगह 10 साल छूट की मांग
संघ ने मांग की है कि आगामी नियमित नियुक्तियों में वर्ष 2016 और 2018 की नियुक्तियों की तर्ज पर लंबे समय से काम कर रहे मानव दिवस कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही वर्तमान में दी जा रही पांच साल की उम्र सीमा में छूट को बढ़ाकर 10 साल करने की मांग की गई है।
संघ का कहना है कि कई कर्मचारी वर्षों से निगम में काम कर रहे हैं। ऐसे में नियमित भर्ती के दौरान उनकी सेवा अवधि और अनुभव को ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि वे नियुक्ति प्रक्रिया में उचित अवसर से वंचित न हों।
JBVNL में खाली तकनीकी पदों पर जल्द भर्ती की मांग
बैठक में JBVNL के विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े तकनीकी पदों का मुद्दा भी उठाया गया। संघ के मुताबिक, निगम में हजारों स्वीकृत तकनीकी पद रिक्त हैं और राज्य गठन के बाद से इन पदों पर नियमित नियुक्तियां सीमित रही हैं।
संघ ने इन रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उसका कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका अहम है।
2014 की सूची को सेवा अवधि का आधार बनाने की मांग
संघ ने वर्ष 2014 में विभाग और संघ के संयुक्त प्रयास से तैयार मानव दिवस कर्मियों की सूची को सेवा अवधि निर्धारित करने का आधार बनाने की मांग भी की है।
संघ का कहना है कि 2014 के बाद निगम में शामिल हुए कर्मचारियों के वास्तविक कार्यकाल को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए और उनके अनुभव के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया में उचित लाभ दिया जाना चाहिए।
बैठक में लंबे समय से काम कर रहे तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों के नियमितीकरण या नियमित नियुक्ति के लिए उचित व्यवस्था पर विचार करने की मांग भी उठाई गई। संघ ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार मामले में निर्धारित सिद्धांतों का हवाला दिया।
माली, स्वीपर और चालक समेत दूसरे पदों पर भी भर्ती की मांग
संघ ने केवल तकनीकी पदों पर ही नहीं, बल्कि गैर-तकनीकी श्रेणी के जरूरी पदों को भी नियमित भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है। इनमें माली, स्वीपर, चालक, खलासी और पेट्रोलिंगमैन समेत अन्य पद शामिल हैं।
‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग
बैठक में आउटसोर्स और दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी उठाई गई।
संघ का कहना है कि बड़ी संख्या में आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी नियमित कर्मचारियों के समान प्रकृति का काम करते हैं, लेकिन उनके पारिश्रमिक और सेवा शर्तों में अंतर है। संघ ने लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों में सुधार की मांग की है।
इसके अलावा संघ ने तकनीकी और जोखिम वाले विद्युत कार्यों में केवल प्रशिक्षित एवं योग्य कर्मचारियों को लगाने की मांग की, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आउटसोर्स व्यवस्था में बदलाव की मांग
संघ ने मौजूदा आउटसोर्स एजेंसी व्यवस्था की समीक्षा करने की भी मांग की। संगठन ने वर्ष 2017 से पहले लागू प्रत्यक्ष व्यवस्था को बहाल करने या पूरे राज्य में एकल एजेंसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दैनिक वेतनभोगी और मानव दिवस कर्मियों के आश्रितों के लिए स्पष्ट रोजगार नीति बनाने की मांग भी की गई है।
‘वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो’
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मानव दिवस, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से बिजली व्यवस्था को चलाने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके मुताबिक, कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा अवधि का सम्मान करते हुए उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठाए जाने चाहिए। संघ ने उम्मीद जताई कि JBVNL प्रबंधन और संबंधित विभाग कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करेगा।
बैठक में संघ के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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