Jharkhand Politics: केंद्र सरकार के द्वारा प्रस्तुत किये बजट के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है। केन्द्रीय बजट को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट जनता को राहत देने वाला नहीं, बल्कि धोखा और गुमराह करने वाला दस्तावेज़ है। महंगाई से त्रस्त आम आदमी, बेरोज़गारी से जूझता युवा और इलाज के लिए तरसता गरीब-किसी के लिए भी इस बजट में ठोस समाधान नहीं है।
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Jharkhand Politics: झारखंड को अबतक नहीं मिला एम्स
मंत्री ने कहा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरत को इस बजट में पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है।
झारखंड की राजधानी रांची को आज भी एम्स नहीं मिला, जबकि हर बार बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। इलाज लगातार महंगा होता जा रहा है, सरकारी अस्पताल बदहाल स्थिति में हैं-लेकिन बजट में स्वास्थ्य के नाम पर सिर्फ़ भाषण है, ज़मीनी समाधान नहीं।
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वहीं देश में बढ़ते बेरोजगारी को लेकर मंत्री ने कहा कि युवा बेरोज़गार हैं, लेकिन रोज़गार का कोई रोडमैप नहीं दिया गया। न नौकरियों की गारंटी, न भर्ती की समय-सीमा-यह बजट युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
Jharkhand Politics: महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है
वहीं बढ़त महंगाई को लेकर उन्होंने कहा कि महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है। रसोई गैस, दाल, तेल, दवा-हर ज़रूरी चीज़ महँगी है। टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई और मध्यम वर्ग को एक बार फिर पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया है।
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आगे उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिर्फ़ खोखले वादे किए गए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, सिंचाई, कर्ज़ राहत-हर अहम मुद्दे पर सरकार चुप है। खेत में पसीना बहाने वाले किसान को इस बजट में कोई सम्मानजनक स्थान नहीं मिला।
Jharkhand Politics: झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही केन्द्र सरकार
केन्द्र के बजट पर मंत्री ने कहा कि झारखंड एक बार फिर ठगा गया है। झारखंड को ना एम्स, ना बड़े उद्योग, ना कोई विशेष पैकेज-राज्य के साथ सौतेला व्यवहार इस बजट में साफ़ दिखाई देता है।
उन्होंने केन्द्र सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि यह बजट विकास का नहीं, जुमलों का बजट है।
यह जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला और आने वाले समय में आम आदमी के लिए “हार्ट अटैक” साबित होने वाला बजट है।

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