Ranchi: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया जारी है। 24 अगस्त 2026 से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य श्रेणियों में शामिल मतदाताओं के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का विधिसम्मत सत्यापन करना है।
नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं
सीईओ के. रवि कुमार ने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पात्र मतदाताओं की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।दस्तावेज जमा करने के लिए मिलेगा 14 दिन का समय
नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य संबंधित श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं को ERO स्तर से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद पहले चरण में दस्तावेज जमा करने के लिए 7 दिन का समय मिलेगा। यदि इस अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो BLO दोबारा संबंधित मतदाता से संपर्क करेंगे और पुनः नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज जमा करने के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। यानी जरूरत पड़ने पर मतदाता को कुल 14 दिनों का अवसर मिलेगा। झारखंड में SIR के तहत दावा-आपत्ति दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा 14 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा।नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और सुधार का काम जारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, SIR के दौरान नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ-साथ मतदाता सूची में दर्ज विवरण में आवश्यक सुधार भी किया जा रहा है। ऐसे मतदाता जिनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और वे अपनी इच्छा से झारखंड की मतदाता सूची में स्थानांतरित होना चाहते हैं, उनसे फॉर्म-8 और घोषणा पत्र प्राप्त कर नियमानुसार नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, एक ही परिवार या घर के मतदाताओं को संभव होने पर एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।दस्तावेजों और आंकड़ों का होगा सत्यापन
इन्यूमरेशन चरण में प्राप्त आवेदनों और आंकड़ों में मिली त्रुटियों एवं विसंगतियों को दूर किया जा रहा है। नोटिस और सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों तथा आंकड़ों का विधिसम्मत सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद योग्य मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। सीईओ ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम और मतदाता विवरण की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र व दस्तावेज समय पर जमा करें। उन्होंने कहा कि SIR के बाद तैयार मतदाता सूची को स्थायी दस्तावेज के रूप में संधारित किया जाएगा। इसमें दर्ज प्रमाणित और सही विवरण भविष्य में मतदाता और उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख के रूप में उपयोगी हो सकता है।विदेशी नागरिकों के नाम पर भी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए कहा कि केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं। राजनीतिक दलों, BLA-2 और आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल है या शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है, तो फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। ऐसे मामलों में ERO/AERO स्तर पर दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार आदेश पारित किया जाएगा। सीईओ ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए आवेदन करना दंडनीय अपराध है।SIR से जुड़ी जानकारी के लिए करें संपर्क
झारखंड में SIR, नोटिस, दावा-आपत्ति, जरूरी दस्तावेज और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी या सहायता के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। ये भी पढ़ें: Ranchi: कचहरी रोड स्थित होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़, 5 युवतियां और 3 ग्राहक गिरफ्तार
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