बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान
मौके पर पहुंचे भाकपा माले नेता नागेंद्र कुमार ने डायवर्सन और पाइपलाइन के बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण शुरू होने के समय ही संभावित खतरे को लेकर विभाग और ठेकेदार को आगाह किया गया था। नागेंद्र कुमार के मुताबिक, उस समय डायवर्सन और जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन बारिश के दौरान डायवर्सन के बहने और मुख्य पाइपलाइन टूटने की घटना ने तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब झिलिया पुल का डायवर्सन बारिश में बहा हो। बार-बार सामने आ रही समस्या के बावजूद यदि स्थायी समाधान नहीं किया जाता है, तो इसका सीधा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।आवागमन के साथ पेयजल संकट भी गहराया
डायवर्सन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन टूटने से बड़ी आबादी के सामने पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। झिलिया नदी के किनारे बसे इलाकों में जलभराव ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है। नागेंद्र कुमार ने कहा कि लगातार डायवर्सन टूटना केवल सड़क और यातायात का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से तत्काल राहत के साथ भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ जैसी स्थिति: माले
भाकपा माले नेता ने व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्षेत्र की स्थिति ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ जैसी हो गई है। उनके अनुसार, ठेकेदार अपनी गति से काम कर रहा है और विभागीय स्तर पर भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है, जबकि परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि हर बार मरम्मत और आश्वासन के बजाय अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जिससे बारिश के दौरान डायवर्सन और जलापूर्ति लाइन दोबारा क्षतिग्रस्त न हों।एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
नागेंद्र कुमार ने पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, संबंधित ठेकेदार और जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में डायवर्सन और मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भाकपा माले के नेतृत्व में जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता अब अस्थायी मरम्मत और आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती है। समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर लोगों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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