Ranchi:झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा के कथित पेपर लीक और अनियमितता मामले में CID की जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी लगातार नए तथ्यों को खंगाल रही है। इसी कड़ी में आज JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते तीसरे दिन भी पूछताछ के लिए CID मुख्यालय पहुंचे हैं। पूरे मामले में उनकी संभावित गिरफ्तारी को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि CID की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कड़ी सुरक्षा के बीच CID मुख्यालय लाए गए एल. खियांग्ते
आज एल. खियांग्ते को बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीआईडी मुख्यालय लाया गया। सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए थे कि मीडिया के कैमरे उनके एक भी दृश्य को रिकॉर्ड नहीं कर सके। इससे जांच को लेकर गोपनीयता और सुरक्षा के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है।
CID इससे पहले लगातार दो दिनों तक एल. खियांग्ते से करीब 8-8 घंटे पूछताछ कर चुकी है। पहले दिन की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था। पूछताछ के दौरान उनसे परीक्षा प्रक्रिया, ओएमआर शीट, डिजिटल रिकॉर्ड, परीक्षा संचालन और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े कई सवाल पूछे गए।
JPSC: डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही जांच
सूत्रों के अनुसार, CID को TDPL कार्यालय से कई महत्वपूर्ण डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं डिजिटल सबूतों और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों का मिलान कर जांच एजेंसी पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आज की पूछताछ भी इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं, CID मुख्यालय में इस मामले के अन्य आरोपियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ सभी आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क और कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने लाई जा सके।