Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।
सीआईडी की जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को कथित तौर पर नियमों को दरकिनार कर काम दिए जाने का मामला सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इसी ठेके के बदले पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते पर करीब दो करोड़ रुपये की रिश्वत और सौदे की राशि का 20 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप है।
TDPL को ठेका देने में नियमों की अनदेखी का आरोप
जांच के दौरान सीआईडी को कथित तौर पर ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे TDPL को परीक्षा से जुड़े काम का ठेका देने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। एजेंसी इस पूरे मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि ठेका देने की प्रक्रिया में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
सीआईडी के मुताबिक, इसी मामले में आर्थिक लेनदेन और कथित कमीशन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी अब गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में हो चुकी है छापेमारी
इस मामले में सीआईडी इससे पहले एल. खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में छापेमारी कर चुकी है। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।
इसके बाद उनसे कई दौर में पूछताछ की गई। पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब उनकी गिरफ्तारी की गई है।
कई आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल
JPSC परीक्षा घोटाले की जांच में सीआईडी पहले ही कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। इनमें JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के अलावा TDPL से जुड़े निदेशक और कथित बिचौलिये भी शामिल हैं।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले में पैसों का लेनदेन किस स्तर तक हुआ और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने में किन लोगों की भूमिका रही।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ सकती है जांच की रफ्तार
पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी कथित रिश्वत और कमीशन के आरोपों से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के बयानों की पड़ताल कर सकती है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के बाद ही होगी।कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








