KhabarMantra: हाल ही में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने झारखंड में अलकायदा से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध को गिरफ्तार किया। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब झारखंड का नाम आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हो। इससे पहले भी राज्य में कई आतंकी गतिविधियों के प्रमाण मिल चुके हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़े प्रमुख घटनाक्रम:
2002: हजारीबाग में आतंकियों का सफाया
28 जनवरी 2002 को हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र के खिरगांव मोहल्ले में पुलिस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे। घटनास्थल पर इदरीश की मौत हो गई थी, जबकि सलीम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सलीम ने मरने से पहले पुलिस को बताया था कि वे दोनों पाकिस्तान के रहने वाले थे और लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते थे। कोलकाता में 22 जनवरी 2002 को अमेरिकी सूचना केंद्र पर हुए हमले में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी।
2012: लश्कर आतंकी की गिरफ्तारी
29 फरवरी 2012 को हजारीबाग के पगमिल मोहल्ले में स्थित कश्मीर हाउस से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तौफिक को गिरफ्तार किया गया। तौफिक ने अपनी पढ़ाई मांडू कॉलेज से की थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में उसके एक और साथी एहतेशाम को पकड़ा गया था।
2023: ISIS से जुड़े आतंकियों का पर्दाफाश
जुलाई 2023 में लोहरदगा से आईएसआईएस आतंकी फैजान उर्फ फैज को गिरफ्तार किया गया। सिर्फ 19 साल की उम्र में फैजान इंटरनेट के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर दहशत फैलाने की ट्रेनिंग देता था।
इसी साल 16 सितंबर को एनआईए ने झारखंड मॉड्यूल के एक और सदस्य राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर को मध्य प्रदेश के रतलाम से गिरफ्तार किया। अब तक झारखंड से 25 से अधिक आतंकियों को पकड़ा जा चुका है।
अलकायदा की Jharkhand में सक्रियता
अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) अलकायदा का एक सक्रिय संगठन है जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में जिहाद फैलाने का प्रयास करता है। झारखंड में यह संगठन युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए भर्ती अभियान चला रहा है।
जमशेदपुर में भी आतंकियों का Network
झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर से भी आतंकियों के पुराने संबंध रहे हैं। यहां से अलकायदा, सिमी, इंडियन मुजाहिद्दीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
गुजरात एटीएस ने 25 दिसंबर 2020 को जमशेदपुर के मानगो इलाके से अब्दुल माजिद कुट्टी को गिरफ्तार किया था, जो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से जुड़ा था। इसके अलावा लंदन एयरपोर्ट पर बम धमाके में शामिल मो. कफिल और उसके भाई सबिल का भी संबंध मानगो क्षेत्र से रहा है।
प्रमुख गिरफ्तारियां:
- धातकीडीह निवासी मो. सामी
- आजादनगर निवासी मो. कलीमुद्दीन मुजाहिरी और नसीम अख्तर
- मो. मोनू और अब्दुल रहमान कटकी
इन सभी को दिल्ली स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस ने गिरफ्तार किया था।
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक। झारखंड, बिहार और राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षा, प्रशासनिक मामलों और विकास नीतियों पर 10+ वर्षों का जमीनी पत्रकारिता अनुभव। निष्पक्ष और प्रमाणिक समाचार रिपोर्टिंग के लिए समर्पित।






