कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से हाथियों का झुंड गांवों में जमकर उत्पात मचा रहा है। इस दौरान एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा, जबकि हाथियों का झुंड नवलशाही थाना परिसर तक पहुंच गया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
खेत पहुंचे किसान पर हाथियों ने किया हमला
मृतक की पहचान 55 वर्षीय केदार यादव के रूप में हुई है, जो मरकच्चो प्रखंड के पपलो पंचायत अंतर्गत खंडराडीह गांव के निवासी थे।
जानकारी के अनुसार, केदार यादव अपनी पत्नी के साथ घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत में सिंचाई के लिए रखा टूलू पंप लेने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली हाथियों का झुंड अचानक उनके सामने आ गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, एक हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जबकि दूसरे हाथी ने उन्हें कुचल दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग भय के साये में जी रहे हैं।
तीन दिनों से मचा रहे हैं तबाही
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड पिछले तीन दिनों से मरकच्चो और आसपास के इलाकों में लगातार घूम रहा है। शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों और मवेशी चराने वालों में भी भय का माहौल है।
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नवलशाही थाना तक पहुंच गया हाथियों का झुंड
शनिवार रात हाथियों का झुंड कोडरमा-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर स्थित नवलशाही थाना परिसर तक पहुंच गया। हाथियों ने थाने के बाहर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और परिसर में घुसने की कोशिश की।
स्थिति को गंभीर देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सब-इंस्पेक्टर ने मशालें जलाकर तथा पटाखे छोड़कर हाथियों को वहां से खदेड़ा। इस दौरान अफरा-तफरी के बीच एक हाथी सड़क किनारे खड़े वाहन से भी टकरा गया। पुलिस की तत्परता से किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया।
कई घरों में मचाया उत्पात
इससे पहले शुक्रवार रात हाथियों ने पपलो, अंबाडीह और खंडराडीह गांवों में भी जमकर नुकसान पहुंचाया। भोजन की तलाश में गांव में घुसे हाथियों ने कई मकानों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं।
इस घटना में वासुदेव यादव, पूनम देवी, कुंती देवी और विमला देवी समेत कई ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त हुए। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए।
धान की फसल और बिचड़े हुए बर्बाद
हाथियों ने खेतों में तैयार धान की बिचड़ा (पौध) और खड़ी फसलों को भी रौंद दिया। इससे प्रयाग यादव, हीरालाल पासवान, चिंता देवी और बालेश्वर यादव सहित कई किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई एकड़ में लगी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
वन विभाग के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
लगातार हो रहे नुकसान के बाद ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि हर वर्ष हाथियों का झुंड गांवों में पहुंचकर जान-माल का नुकसान करता है, लेकिन समय पर न तो प्रभावी कार्रवाई होती है और न ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिल पाता है।
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा देने और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए स्थायी योजना बनाने की मांग की है।
वन विभाग की टीम कर रही निगरानी
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। फिलहाल वनकर्मी प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से रात के समय जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाने तथा सतर्क रहने की अपील की है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








