झारखंड के Koderma जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां तिलैया स्थित एक कोचिंग सह हॉस्टल में 16 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच चुका है।
मृतक छात्र की पहचान उदित राज के रूप में हुई है, जो कक्षा 10वीं का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब एक महीने से ‘सेक्रेट हार्ट स्कूल’ नामक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिवार का आरोप है कि हॉस्टल में छात्र को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
आवेदन में दर्ज जानकारी के मुताबिक, 3 मई 2026 की शाम करीब 5 बजे उदित राज से मिलने उसका बड़ा भाई और भतीजा हॉस्टल पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान उदित ने कथित तौर पर अपने साथ हो रही प्रताड़ना की बात कही थी। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद परिवार को हॉस्टल के एक छात्र का फोन आया, जिसने बताया कि उदित के साथ कोई बड़ी घटना हो गई है।
जब परिजन हॉस्टल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उदित का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। इस दृश्य को देखकर परिवार सदमे में आ गया।
हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
मामले में सबसे बड़ा सवाल हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि हॉस्टल परिसर में वाहन मौजूद होने के बावजूद घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश तक नहीं की गई। परिवार और चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन (CRF) का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है।
आवेदन में हॉस्टल संचालक राहुल सिंह, प्रमोद सिंह और अन्य कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
NHRC से की गई ये बड़ी मांगें
चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर मामले में कई अहम मांगें रखी हैं:
* हॉस्टल और संस्थान की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच
* आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
* हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों का CWC के समक्ष बयान
* पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा
* बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर झारखंड में चल रहे निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक नाबालिग छात्र हॉस्टल के अंदर संदिग्ध हालत में मृत कैसे मिला? अगर हालत गंभीर थी तो तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब अब जांच एजेंसियों से अपेक्षित हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।



विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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