दुनिया जहां तेज रफ्तार तकनीक और आधुनिक परिवहन के सहारे आगे बढ़ रही है, वहीं अमेरिका का एक छोटा सा द्वीप आज भी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए है। यहां ऑनलाइन शॉपिंग से मंगाए गए अमेजन के Parcel बाइक या वैन से नहीं, बल्कि घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली बग्घियों में लोगों के घरों तक पहुंचाए जाते हैं।
यह अनोखी जगह है Mackinac Island, जो उत्तरी मिशिगन में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। इस द्वीप की सबसे खास बात यह है कि यहां आम मोटर वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
घोड़े, बग्घी और साइकिल ही हैं मुख्य साधन
मैकिनैक आइलैंड पर कार, बाइक और अन्य निजी मोटर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। यहां लोगों की आवाजाही और सामान की ढुलाई घोड़ों, बग्घियों, साइकिलों और पैदल यात्रा के जरिए होती है। इसी वजह से ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के पार्सल भी पारंपरिक तरीके से वितरित किए जाते हैं।
अमेजन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के ऑर्डर पहले फेरी के जरिए द्वीप तक पहुंचते हैं। इसके बाद विशेष डिलीवरी बग्घियां उन्हें घर-घर पहुंचाने का काम करती हैं।
19वीं सदी जैसा अनुभव देता है यह द्वीप
मैकिनैक आइलैंड को अक्सर “टाइम मशीन” कहा जाता है, क्योंकि यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप 19वीं सदी में लौट गए हों। ऐतिहासिक इमारतें, घोड़ों की टापों की आवाज और बग्घियों की घंटियां इस द्वीप की पहचान हैं।
द्वीप पर सालभर करीब 500 घोड़े रहते हैं, जो परिवहन और माल ढुलाई की जिम्मेदारी संभालते हैं। पर्यटन सीजन के दौरान इनकी संख्या और बढ़ जाती है।
सिर्फ फेरी से पहुंच सकते हैं पर्यटक
मैकिनैक आइलैंड तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को फेरी सेवा का उपयोग करना पड़ता है। मिशिगन के तटीय शहरों से लगभग 30 मिनट की नौका यात्रा के बाद पर्यटक इस अनोखी दुनिया में पहुंचते हैं, जहां आधुनिक ट्रैफिक का कोई शोर सुनाई नहीं देता।
फूड डिलीवरी से लेकर कूड़ा उठाने तक घोड़ों का इस्तेमाल
यहां सिर्फ Parcel ही नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट का खाना, किराने का सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं भी घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली गाड़ियों से पहुंचाई जाती हैं। यहां तक कि कूड़ा-करकट एकत्र करने का काम भी घोड़ा गाड़ियों के माध्यम से किया जाता है।
हालांकि, आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ सीमित इलेक्ट्रिक वाहनों को विशेष अनुमति दी गई है।
आखिर क्यों लगाया गया था कारों पर प्रतिबंध?
मैकिनैक आइलैंड में मोटर वाहनों पर प्रतिबंध कोई नया नियम नहीं है। वर्ष 1896 में स्थानीय प्रशासन ने वाहनों पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसका उद्देश्य द्वीप के शांत वातावरण, स्वच्छ हवा और ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना था।
दिलचस्प बात यह है कि 130 साल से भी ज्यादा समय बाद आज भी यह नियम पूरी सख्ती के साथ लागू है।
पर्यावरण संरक्षण का अनोखा उदाहरण
कारों की अनुपस्थिति के कारण द्वीप पर वायु और ध्वनि प्रदूषण बेहद कम है। यही वजह है कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल आज भी बरकरार है।
हालांकि घोड़ों की देखभाल, उनके अपशिष्ट प्रबंधन और सर्दियों में बर्फ हटाने जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्थानीय निवासी और व्यवसायी इस पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
उनका मानना है कि यही अनोखी पहचान हर साल लाखों पर्यटकों को मैकिनैक आइलैंड की ओर आकर्षित करती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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