Jharkhand: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा कराए जा रहे भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि योजना का लाभ ले रहीं करीब 6700 महिलाएं अपने दिए गए पते पर नहीं रह रही हैं। विभाग ने इन लाभुकों को फिलहाल ‘लापता’ मानते हुए उनके खाते में राशि भेजने पर तत्काल रोक लगा दी है।
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सॉफ्टवेयर में बदलाव: प्रखंड स्तर से ही होल्ड हो रहा भुगतान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले में योजना के लाभुकों के सत्यापन का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस जांच के दौरान जो भी लाभुक अपात्र पाए जा रहे हैं या जिनके पते की पुष्टि नहीं हो पा रही है, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
तकनीकी बदलाव: सामाजिक सुरक्षा विभाग ने अब मंईयां सम्मान योजना के सॉफ्टवेयर में एक बड़ा बदलाव किया है। इस नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई ऐसा लाभुक मिलता है जो योजना की अर्हता (पात्रता) पूरी नहीं करता, प्रखंड स्तर (Block Level) से ही उसका भुगतान होल्ड कर दिया जाता है। इसकी सूचना तुरंत जिला मुख्यालय को भी दे दी जाती है।
सोमवार से खाते में आएंगे ₹2500
अपात्र और लापता लाभुकों पर हो रही कार्रवाई के बीच, वास्तविक लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्वी सिंहभूम जिले की करीब 2 लाख 86 हजार से अधिक पात्र महिलाओं के खाते में सोमवार से पैसे भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। पिछले एक सप्ताह से विभागीय स्तर पर इसके लिए बैकएंड तैयारियां चल रही थीं।
- यह लाभार्थियों के खाते में भेजी जाने वाली अप्रैल महीने की राशि होगी, जिसके तहत 2500-2500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
- जिला प्रशासन के पास एक और महीने का अतिरिक्त बजट (आवंटन) पहले से उपलब्ध है। जैसे ही विभाग से आदेश मिलेगा, मई महीने का भुगतान भी तुरंत जारी कर दिया जाएगा।
नए आवेदकों में निराशा: पोर्टल खुलने का इंतजार
एक तरफ जहाँ पुराने लाभार्थियों के खातों की स्क्रूटनी चल रही है, वहीं नए आवेदन करने वाली महिलाओं की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। योजना के तहत पूर्व में जो नए आवेदन जमा कराए गए हैं, उन्हें लेकर विभाग की तरफ से अभी तक कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है।
विभागीय अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक मंईयां सम्मान योजना का आधिकारिक पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाता, तब तक नए डेटा की एंट्री संभव नहीं है। पोर्टल बंद होने की वजह से नए आवेदकों में भारी निराशा है। अपने आवेदनों का स्टेटस जानने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं रोजाना प्रखंड, अंचल कार्यालय और जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








