Jharkhand: खूंटी जिले में हुए बहुचर्चित पहाड़ा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। SIT की जांच में सामने आया है कि लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद और अवैध जमीन कारोबार इस हत्या की मुख्य वजह थी। पुलिस ने इस मामले में दो शूटर और साजिशकर्ता समेत छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अब तक 14 आरोपी गिरफ्त में
झारखंड के खूंटी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमुवादाग तालाब के पास पहाड़ा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस सनसनीखेज कांड में इससे पहले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि अब छह और की गिरफ्तारी के साथ कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 14 हो गई है।
जमीन विवाद और अवैध कारोबार से जुड़ा था मामला
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड की जड़ में CNT और गैर-मजरुआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का विवाद था। मुख्य साजिशकर्ता दानियल संगा का मृतक सोमा मुंडा के साथ करीब 10–12 वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
सोमा मुंडा लगातार अवैध जमीन कारोबार का विरोध कर रहे थे, जिससे कई जमीन कारोबारी उनसे नाराज थे।
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ग्रामसभा के फैसले के बाद रची गई साजिश
दिसंबर 2025 में ग्राम जियारप्पा की 32 एकड़ जमीन पर ग्रामसभा द्वारा अवैध कब्जा रोके जाने के फैसले के बाद विवाद और गहरा गया। ग्रामसभा द्वारा दोबारा शिलापट्ट लगाने के निर्णय से आक्रोशित होकर आरोपियों ने सोमा मुंडा की हत्या की साजिश रची।
इसी दौरान क्रिसमस के आसपास दानियल संगा को देशी पिस्टल उपलब्ध कराई गई।
रेकी के बाद तालाब के पास की गई हत्या
पुलिस के अनुसार 7 जनवरी 2026 को सोमा मुंडा की गतिविधियों की रेकी की गई। इसके बाद सुमित दगल सांड और मारकुस संगा ने जमुवादाग तालाब के पास उन्हें गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
हथियार, वाहन और मोबाइल बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान हत्या में प्रयुक्त हथियार, वाहन, मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले गिरफ्तार आरोपियों की शहर में परेड भी कराई गई।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और सभी दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी।












