रांची: Jharkhand सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान चलाने का संकल्प दोहराया है। गुरुवार को रांची के शौर्य भवन में आयोजित राज्यव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के समापन समारोह में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ मादक पदार्थों पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य देना है। डॉ. अंसारी ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति परिवारों को तोड़ रही है और युवाओं के सपनों को खत्म कर रही है। ऐसे में हर नागरिक को इस अभियान का प्रहरी बनना होगा।
फ्लाईओवरों के नीचे नशा करने वाले बच्चों पर कार्रवाई के निर्देश
समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने रांची पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि फ्लाईओवरों के नीचे बच्चों द्वारा कफ सिरप और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की मिल रही शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने में परिवार और अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम है, इसलिए अभिभावकों की काउंसलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
नशे के खिलाफ सतत सामाजिक आंदोलन
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान किसी सीमित अवधि का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब वैश्विक चुनौती बन चुकी है और इससे निपटने के लिए सरकार, समाज, शैक्षणिक संस्थान और जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) और रिनपास में नशा मुक्ति उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा सभी जिलों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति और जिला अस्पतालों में काउंसलिंग सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
तस्करों की सूचना देने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने बताया कि सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ नई प्रोत्साहन नीति लागू की है। इसके तहत नशा तस्करों के संबंध में सूचना देने वाले लोगों को न्यूनतम 3,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। गंभीर मामलों में यह राशि और अधिक हो सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास बढ़ेगी निगरानी
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही जागरूक बनाया जा सके।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वयंसेवी संगठनों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न विभागों के कर्मियों को सम्मानित किया गया। बेहतर जन-जागरूकता गतिविधियों के लिए गिरिडीह, रांची और पलामू के जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “नशा मुक्त झारखंड केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता का व्यापक आंदोलन है।” राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, सामुदायिक सहयोग और सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प भी दोहराया गया।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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