Ranchi: झारखंड में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (-SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है।
राज्य में कानूनी या अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र नहीं हैं। यदि किसी विदेशी नागरिक ने झूठी जानकारी या गलत घोषणा देकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
संथाल परगना दौरे में समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
दरअसल संथाल परगना के दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साहिबगंज जिले के सीमावर्ती प्रखंड बरहरवा स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में आयोजित बीएलए-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने गोड्डा जिले के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल सुंदर पहाड़ी प्रखंड पहुंचकर वहां भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की।
दौरे के अंतिम दिन पाकुड़ जिला समाहरणालय सभागार में पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ और अन्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह से पारदर्शी, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोग जो भारत छोड़कर किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन अब भी भारतीय मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है, उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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के. रवि कुमार ने कहा कि भारत के संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार विदेशी नागरिक भारत में मतदाता बनने के योग्य नहीं हैं। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय भी निर्वाचन आयोग के निर्देशों को बरकरार रख चुका है।
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झूठी घोषणा देना अपराध, हो सकती है कार्रवाई
उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत झूठी घोषणा देना एक दंडनीय अपराध है। इसलिए यदि कोई विदेशी नागरिक मतदाता बनने के लिए गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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देखा जाए तो झारखंड में चल रहे इस विशेष अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और अपात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर रखा जा सके।

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