National News: उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तबाही मचा दी है। दिल्ली-NCR, कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
दिल्ली-NCR में यमुना का जलस्तर खतरे के पार
राजधानी दिल्ली और नोएडा में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नोएडा के सेक्टर-135 और सेक्टर-151 में जलभराव से सड़कों पर 3-4 फीट तक पानी भर गया है। कई कॉलोनियों में लोगों के घर डूब गए हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
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हरियाणा: स्कूल बंद, सोसाइटीज़ में पानी भराव
हरियाणा के पंचकूला, हिसार, रोहतक और झज्जर जिलों में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गुरुग्राम की “सिग्नेचर ग्लोबल सलोरा सोसाइटी” में पानी भर जाने से महिलाएं और बच्चे घरों में फंसे रहे। फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी कुछ स्कूल एहतियातन बंद किए गए हैं।
राजस्थान: अजमेर में बोराज झील की दीवार ढही, 1000 घरों में घुसा पानी
गुरुवार रात अजमेर में भारी बारिश के बाद बोराज झील की दीवार ढह गई। तेज बहाव से करीब 1000 घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों ने छतों पर चढ़कर जान बचाई। दर्जनों गाड़ियां बह गईं और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा।
पंजाब: अब तक 43 मौतें, 3.55 लाख लोग प्रभावित
पंजाब में बाढ़ के कारण 43 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 23 जिलों के 1,655 गांवों में हालात गंभीर हैं। करीब 1.71 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगले 5 दिनों तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
कश्मीर: लैंडस्लाइड से हाईवे बंद, स्कूल-कॉलेज 6 सितंबर तक बंद
गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश और लैंडस्लाइड के चलते जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे सहित कई सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा। घाटी का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से कट गया है। झेलम नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है। स्कूल और कॉलेज 6 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं।
रामबन में बादल फटा, 283 घर क्षतिग्रस्त
जम्मू के रामबन जिले के द्रुबला गांव में 29 अगस्त को बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई। अब तक 283 घरों को नुकसान पहुंचा है और 950 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह:
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें
- मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें
- ज़रूरी न हो तो यात्रा टालें













