Ranchi: राजधानी रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से कई कुख्यात अपराधियों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया गया है। इस कार्रवाई के कई मायने बताए जा रहे है। दरअसल जेल के भीतर से गैंग का नेटवर्क संचालित होने की बात समय समय पर आती रही है।
धनबाद पुलिस के हालिया खुलासे, जिसमें यह बताया गया है कि जेल में बंद अपराधी व्हाट्सएप कॉल के जरिए गैंग ऑपरेट कर रहे है, इसके साथ ही जेल ट्रांसफर के दौरान अपराधी सुजित सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा के पास से मिले मोबाइल, सिम कार्ड व चार्जर ने इस मामले को और गहरा बना दिया है कि क्या वाकई में बिरसा मुंडा जेल अपराधियों के लिए गैंग ऑपरेज करने का सेंटर बन चुका था?
बता दें कि हाल ही में सुजित सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा को चाईबासा जेल भेजा गया है। इसके साथ ही सुजित सिन्हा गैंग के कुबेर को बरही जेल। वहीं प्रिंस खान गैंग से जुड़े अमन उर्फ विराट कोहली को चाईबासा जेल और शेरा को लातेहार में जेल में शिफ्ट किया गया है। इसी दरमयेन जब रिया सिन्हा को चाईबासा जेल शिफ्ट किया जा रहा था, उसी दौरान तलाशी में उसके पास से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और चार्जर बरामद किया गया।
रिया सिन्हा पर दर्जन भर से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि जेल के अंदर से ही अपराधी बाहर संपर्क बनाए हुए थे और अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गौरतलब है कि रिया सिन्हा पर दर्जन भर से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में गिरफ्तारी से पहले रांची पुलिस को जानकारी मिली थी कि सुजित सिन्हा गैंग और प्रिंस खान गैंग के बीच की अहम कड़ी रिया सिन्हा ही है। उसके बाद से रिया सिन्हा जेल में बंद है और अब जब उसे दूसरे जेल सिफ्ट किया जा रहा था। तब उसके पास से मोबाइल फोन समेत कई समान बरामद किए गए है।
ऐसे में अब समझना यह जरूरी है कि आखिर इन अपराधियों को दूसरे जेलों में क्यों शिफ्ट किया गया है। इसके पिछे की वजह धनबाद के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में प्रिंस खान का शूटर रिजवान का गिरफ्तार होना बताया जा रहा है। उसके पास से पुलिस ने 30 से अधिक कारतूस और दो पिस्टल बरामद किए थे। पूछताछ के दौरान रिजवान ने बताया कि हथियार खरीदने के लिए पैसे जेल में बंद अमन और कुबेर की ओर से भेजे गए थे। दोनों ने उससे साफ कहा था कि हथियार इकट्ठा करो, पैसे की कोई कमी नहीं होगी।
दुबई में बैठा प्रिंस खान अमन और कुबेर को पूरा प्लान बताता था
रिजवान ने पुलिस को यह भी बताया कि जेल में बंद अमन और कुबेर ने उसे व्हाट्सएप कॉल कर कहा था कि वे रांची जेल में बंद हैं और उन्हें दूसरे जेल में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इससे पहले जितने हथियार और कारतूस जुटा सकते हो, जुटा लो। उसने यह भी खुलासा किया कि दुबई में बैठा प्रिंस खान पहले अमन और कुबेर को पूरा प्लान बताता था, जिसके बाद दोनों जेल से ही अन्य लोगों से संपर्क कर गैंग की योजना को जमीन पर उतारते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि रेलवे टेंडर को लेकर और धनबाद में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी चल रही थी। हालांकि समय रहते रिजवान की गिरफ्तारी हो गई और पुलिस के सामने पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।
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कौन हैं अमन और कुबेर?
बीते 7 मार्च 2026 को रांची एयरपोर्ट स्थित टीटॉस होटल में गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक वेटर की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि रंगदारी नहीं देने की वजह से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस घटना की जिम्मेदारी भी प्रिंस खान गैंग ने ली थी।
जांच के दौरान पुलिस के सामने अमन और कुबेर का नाम आया। रेकी करने से लेकर वारदात में सहयोग करने वाले कई लोगों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन अमन और कुबेर फरार हो गए थे। बाद में रांची पुलिस धनबाद पहुंची और भागाबांध थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अपराधियों से मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में दो अपराधी घायल हुए और गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार अपराधियों में अमन और कुबेर ही थे। दोनों को रांची लाकर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद किया गया था, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि जेल के अंदर से ही गैंग का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
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जेल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
पूरे मामले के खुलासे के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और जैमर लगे होने के बावजूद अपराधी व्हाट्सएप कॉल के जरिए गैंग का संचालन कैसे कर रहे थे? रिया सिन्हा के पास से मोबाइल, सिम कार्ड और चार्जर की बरामदगी ने भी इन सवालों को और मजबूत कर दिया है। अब देखना होगा कि इस बड़े खुलासे के बाद जेल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करता है या फिर यह मामला जेस ट्रांसफर तक सीमित रहता है।

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