Ranchi: झारखंड पुलिस ने साल 2026 में नक्सलवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का ब्योरा पेश किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 से 15 अगस्त 2026 तक राज्य में कुल 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 49 माओवादी, 30 पीएलएफआई, 23 टीएसपीएस, 10 जेजेएमपी और एसजेएमएम के सदस्य शामिल है।
इन प्रमुख नक्सलियों को पुलिस के द्वारा किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों के नामों पर गौर करे तो 1 करोड़ का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, 25 लाख का इनामी अजय महतो, 15-15 लाख का इनामी रविंद्र गंझू, मेहनत उर्फ मोछू और मदन महतो उर्फ शंकर महतो शामिल है। वहीं 10 लाख का इनामी मृत्युंजय भुईया तथा पांच लाख का इनामी रवि सरदार शामिल है। वहीं 50 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 46 माओवादी, एक पीएलएफआई और तीन जेजेएमपी का सदस्य शामिल है। आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख का इनामी संतोष उर्फ बासुदेव, 10 लाख का इनामी चंदन लोहरा, पांच लाख का इनामी सुरेंद्र लोहरा, सागेन अंगरिया और गुलशन शामिल है। इनमें से 43 नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय झारखंड में 28 हथियार और 4549 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
मुठभेड़ में मारे गए 22 नक्सली
पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 22 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए। इनमें एक करोड़ के इनामी CCM अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख के इनामी SAC अनमोल उर्फ सुशांत, 15 लाख के इनामी अमित मुंडा और सहदेव महतो उर्फ अनुज, 10 लाख के इनामी रंजित गंझू तथा इजराइल पूर्ति शामिल हैं। मुठभेड़ में नक्सलियों के पास से पुलिस के द्वारा 111 हथियार बरामद किए गए है। इसमें 81 पुलिस के प्रतिबंधित हथियार, दो नियमित हथियार और 28 देशी हथियार शामिल है। इसके साथ ही 9904 कारतूस, 11 किलो विस्फोटक और 6 लाख रुपये की लेवी बरामद की गई है। वहीं भारी मात्रा में आईईडी भी बरामद कर नष्ट किया गया है।
साइबर अपराध पर भी की गई बड़ी कार्रवाई
जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियान में 658 मामले दर्ज हुए और 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 17 लाख 78 हजार 750 रुपये नकद, 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल फोन, 74 ATM कार्ड, 21 दोपहिया वाहन, पांच चारपहिया वाहन, आठ लैपटॉप, 57 बैंक पासबुक, 19 चेकबुक और दो स्वाइप मशीन बरामद कीं। वहीं जनवरी से जुलाई तक प्रतिबिम्ब ऐप के माध्यम से 121 मामले सामने आए और 336 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इस दौरान 545 मोबाइल और 655 सिम बरामद किए गए। इसके अलावे NCRP के तहत डायल-1930 पर जनवरी से जुलाई तक 77,503 शिकायतें मिलीं। पुलिस के प्रयास से 150 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए, जबकि 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इसके अलावा 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 IMEI नंबर ब्लॉक किए गए।
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई
जनवरी से जुलाई 2026 तक संगठित आपराधिक गिरोहों के 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद हुईं। वहीं 50 अपराधियों के खिलाफ CCA की कार्रवाई की गई। पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाया। 17 से 26 जून तक नशामुक्त सप्ताह चलाया गया। जनवरी से जून तक NDPS से जुड़े 435 मामले दर्ज हुए और 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 3461 किलो गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 17.30 करोड़ रुपये है, 151 किलो अफीम, जिसकी कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये, 3.6 किलो ब्राउन शुगर, जिसकी कीमत करीब 36 लाख रुपये और 10,218 किलो डोडा, जिसकी अनुमानित कीमत 15.30 करोड़ रुपये है, बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा फसली वर्ष 2025-26 में करीब 4620 एकड़ जमीन में लगी अफीम की फसल नष्ट की गई।
POCSO, मानव तस्करी और SC-ST मामलों में कार्रवाई
POCSO और दुष्कर्म के मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान के दौरान जनवरी से जून तक 653 मामले दर्ज हुए। इनमें 298 मामलों का निष्पादन करते हुए 542 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वहीं मानव तस्करी के मामलों में जनवरी से जुलाई तक 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 140 से अधिक पीड़ितों को बरामद किया गया। चाईबासा के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में एक मामले में गुजरात के दो मानव तस्करों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 36 महिला और पुरुषों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। SC-ST से जुड़े मामलों में जनवरी से जून तक 485 मामले दर्ज हुए, जबकि 720 मामलों का निष्पादन किया गया।
CCA, जिला बदर और लुकआउट नोटिस
जनवरी से जुलाई तक 46 अपराधियों को CCA के तहत निरुद्ध किया गया। 47 अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई हुई, जबकि नौ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। इनमें चतरा के राहुल दूबे, प्रिंस खान और राहुल सिंह, रामगढ़ के राहुल दूबे, धनबाद के जियाउर हक उर्फ गोपी खान, मो. अरशद उर्फ रितिक और शेख उसतार तथा पूर्वी सिंहभूम के नीरज सिंह और तजेन्दर पाल सिंह शामिल हैं।
कई बड़ी आपराधिक घटनाओं का पुलिस ने किया खुलासा
झारखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में कई चर्चित मामलों का भी खुलासा किया। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से अपहृत पांच वर्षीय अंश कुमार और चार वर्षीय अंशिका कुमारी को सकुशल बरामद किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से अपहृत कैरव गांधी को 13 जनवरी को बरामद किया गया। मामले में 11 अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। लोहरदगा में वाहन जांच के दौरान 433 किलो गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 13 वर्षीय बच्ची की जादू-टोना के नाम पर हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रामगढ़ के रजरप्पा थाना क्षेत्र में शिवशंकर ज्वेलर्स डकैती मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लूटे गए आभूषणों के साथ हथियार और गोलियां बरामद की गईं। हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूटकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साहिबगंज के रांगा थाना क्षेत्र में अवैध गन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और हथियार बनाने की सामग्री बरामद की गई। गोड्डा में Dare Devils Group के सभी अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। धनबाद में संगठित अपराधी प्रिंस खान गिरोह के अंतरराष्ट्रीय भगोड़े मो. सैफी को गिरफ्तार किया गया। गुमला के पालकोट में ज्वेलरी लूट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। गोड्डा में बंगाल ज्वेलर्स लूटकांड में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
अगस्त में भी नक्सलियों पर शिकंजा
16 अगस्त को चतरा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर TSPC के एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोछू को गिरफ्तार किया। इसके अगले दिन 17 अगस्त को गुमला पुलिस ने पांच लाख रुपये के इनामी JJMP सब-जोनल सदस्य रामदेव लोहरा को तीन अन्य नक्सलियों के साथ गिरफ्तार किया। इनके पास से AK-56, SLR, सेमी ऑटोमेटिक राइफल, रेगुलर पिस्टल, देशी कट्टा और 146 कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किए गए।
सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय
झारखंड और पड़ोसी राज्यों में अपराध नियंत्रण के लिए इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन मीटिंग के माध्यम से सूचनाओं और आसूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। 18 मई को ओडिशा के भुवनेश्वर में ERPCC की बैठक हुई। 21 जुलाई को पुलिस मुख्यालय रांची में अंतर्राज्यीय ERPCC की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंतर्राज्यीय अपराध, नक्सल उन्मूलन, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, रेलवे सुरक्षा और जीरो FIR व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने के लिए इंटर-स्टेट चेक पोस्ट और मिरर चेक पोस्ट भी स्थापित किए गए हैं।
झारखंड पुलिस ने कहा है कि राज्य को अपराध और उग्रवाद से मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता पारदर्शी और त्वरित पुलिसिंग के जरिए जनता का विश्वास मजबूत करना, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अपराध और भयमुक्त समाज का निर्माण करना है। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित पुलिस बल और जनता के सहयोग से झारखंड को सुरक्षित राज्य बनाने का प्रयास लगातार जारी है।

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