Dhanbad: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरा देश तिरंगे के रंग में रंगा था, वहीं मैथन के आजाद नगर चौक स्थित डीवीसी के हाई मास्ट पर राष्ट्रीय ध्वज नदारद रहा। देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल के बीच हाई मास्ट पर तिरंगा नहीं देख स्थानीय लोगों और नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे डीवीसी की गंभीर लापरवाही और राष्ट्रीय भावना के प्रति उदासीनता करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तिरंगे के लिए देश के लाखों लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उसी राष्ट्रीय ध्वज को स्वतंत्रता दिवस के दिन हाई मास्ट पर जगह नहीं मिलना बेहद शर्मनाक है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पुराना झंडा फट गया था तो महीनों पहले इसकी जानकारी होने के बावजूद नया झंडा क्यों नहीं लगाया गया? क्या डीवीसी के पास राष्ट्रीय ध्वज बदलने की कोई व्यवस्था नहीं है?
क्षेत्रवासियों ने कहा कि आजाद नगर चौक मैथन का प्रमुख स्थल है। स्वतंत्रता दिवस के दिन जब सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों से लेकर घरों तक तिरंगा लहरा रहा था, तब डीवीसी के हाई मास्ट का खाली रहना लोगों को खटकता रहा। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब करने की मांग की है।
तिरंगे के बहाने डीवीसी की कार्यप्रणाली पर भी निशाना
स्थानीय नेताओं ने तिरंगा नहीं लगाए जाने के मामले को लेकर डीवीसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि मैथन की सड़कें जर्जर हैं, जगह-जगह गंदगी का अंबार है और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बदहाल है, लेकिन डीवीसी इन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। कुछ नेताओं ने डीवीसी की कार्यप्रणाली में भ्रष्टाचार की भी जांच की मांग उठाई। डीवीसी बोला-खादी के झंडे में लगता है तीन माह का समय मामले में डीवीसी के PRO रवि कुमार सिन्हा से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हाई मास्ट के लिए ओरिजिनल खादी का राष्ट्रीय ध्वज तैयार कराया जाता है, जिसे बनाने में करीब तीन माह का समय लगता है। इसी वजह से इस बार हाई मास्ट पर तिरंगा नहीं लगाया जा सका। PRO ने यह भी कहा कि हाई मास्ट का झंडा केवल स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह देश की शान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आठ से दस दिनों के भीतर हाई मास्ट पर तिरंगा लगा दिया जाएगा।सवाल यह भी-जब पता था तो पहले से तैयारी क्यों नहीं?
डीवीसी के स्पष्टीकरण के बाद भी लोगों का सवाल कायम है कि यदि खादी का झंडा तैयार कराने में तीन महीने लगते हैं, तो स्वतंत्रता दिवस से पहले इसकी तैयारी क्यों नहीं की गई? क्या राष्ट्रीय ध्वज जैसे संवेदनशील विषय में भी अंतिम समय तक इंतजार करना जरूरी था? यही सवाल अब मैथन में चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2025 को इसी हाई मास्ट राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन डीवीसी के चेयरमैन एस. सुरेश कुमार ने किया था। उद्घाटन के महज कुछ महीनों बाद स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर हाई मास्ट का खाली रहना अब डीवीसी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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