Jwala gutta news: भारत की बैडमिंटन क्वीन ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) इन दिनों सुर्खियों में हैं। खेल के मैदान पर अपने दमदार खेल से करोड़ों दिल जीत चुकीं ज्वाला अब एक मां और समाजसेवी के रूप में लोगों का दिल जीत रही हैं।
अप्रैल 2025 में बेटी के जन्म के बाद से ही ज्वाला गुट्टा एक सरकारी अस्पताल में डोनर मिल्क कैंपेन से जुड़ीं। पिछले चार महीनों में उन्होंने करीब 30 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट किया है। यह दूध उन नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है, जो समय से पहले पैदा हुए हैं या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छाई पहल
ज्वाला ने अगस्त में अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर लिखा था –
“स्तनपान जीवन बचाता है। समय से पहले जन्मे और बीमार शिशुओं के लिए, दान किया गया दूध जीवन बदल सकता है। अगर आप दान कर सकते हैं, तो आप किसी ज़रूरतमंद परिवार के लिए हीरो बन सकते हैं।”
उनकी इस पहल पर सोशल मीडिया पर लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा –
“ज्वाला कई नवजातों की मां हैं।”
दूसरे ने कहा –
“मां के दूध में मौजूद डीएचए बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के विकास के लिए ज़रूरी है। आपका योगदान लाखों जिंदगियां बदल सकता है।”
पति विष्णु विशाल और आमिर खान का साथ
ज्वाला गुट्टा के पति एक्टर-डायरेक्टर विष्णु विशाल ने सोशल मीडिया पर पत्नी के योगदान की जानकारी दी। कपल ने अपनी बेटी का नाम मीरा रखा है।
लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि बेटी के नामकरण से लेकर आईवीएफ ट्रीटमेंट तक बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने कपल का साथ दिया। विष्णु विशाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि –
“हम करीब दो साल से बच्चे की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ज्वाला की उम्र (41 साल) को देखते हुए हमें कई बार आईवीएफ ट्रीटमेंट कराना पड़ा। 5-6 बार नाकाम होने के बाद जब हम हार मान चुके थे, तब आमिर खान फरिश्ता बनकर आए। उन्होंने न सिर्फ ट्रीटमेंट में मदद की बल्कि मुंबई में ज्वाला की देखभाल भी की। हमारी बेटी मीरा का नाम भी आमिर खान ने रखा है।”
क्यों है ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन इतना ज़रूरी?
मां के दूध में मौजूद डीएचए और इम्यूनिटी बूस्टिंग पोषक तत्व बच्चे के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करते हैं।
समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए मां का दूध लाइफलाइन माना जाता है।
इस नेक कदम से ज्वाला गुट्टा ने सैकड़ों नवजातों को नया जीवन दिया है।
ज्वाला गुट्टा ने एक बार फिर साबित किया है कि वह सिर्फ बैडमिंटन की ही नहीं बल्कि इंसानियत की भी चैंपियन हैं। खेल में मेडल जीतने के बाद अब वह समाज में भी नई मिसाल कायम कर रही हैं।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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