Priyanka Gandhi का तंज- ‘महिला का बहाना, परिसीमन निशाना’; सरकार की मंशा पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली: लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिर जाने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए Priyanka Gandhi ने इसे ‘लोकतंत्र और संविधान की जीत’ करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दे का इस्तेमाल केवल अपनी सत्ता को स्थायी बनाने के लिए कर रही थी।
विपक्ष की एकजुटता ने विफल की सरकार की ‘साजिश’
Priyanka Gandhi ने आरोप लगाया कि 131वां संशोधन विधेयक महिला सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि संघीय ढांचे को कमजोर करने के लिए लाया गया था। उन्होंने कहा, “सरकार लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रही थी, जिसे एकजुट विपक्ष ने नाकाम कर दिया। सत्ताधारी दल के नेताओं के चेहरों पर हार की बौखलाहट साफ देखी जा सकती है।”
‘महिला का बहाना, परिसीमन निशाना’
Priyanka Gandhi ने बिल की टाइमिंग और मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब 2029 के परिसीमन को अपने पक्ष में करने की एक रणनीतिक चाल थी। उनके मुख्य आरोप हैं:
- पुराना बिल लागू करने की मांग: Priyanka Gandhi ने मांग की कि 2023 में जो महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसे तुरंत लागू किया जाए।
- परिसीमन का खेल: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना चाहती थी ताकि जाति जनगणना के असर को खत्म किया जा सके।
- राजनीतिक लाभ: सरकार की सोच थी कि बिल पास हुआ तो फायदा मिलेगा, और नहीं हुआ तो विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ बताकर खुद को ‘मसीहा’ पेश करेंगे।
“महिलाओं का मसीहा बनना आसान नहीं है। देश की महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं, वे सब देख रही हैं। उन्नाव, हाथरस, मणिपुर और दिल्ली की सड़कों पर बैठी महिला खिलाड़ियों के समय सरकार की संवेदनशीलता कहाँ थी?” — प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)
महंगाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव पर घेरा
Priyanka Gandhi ने केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गैस, फल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा बोझ महिलाओं पर है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में ऐसे फैसले ले रही है जो कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री सामान्य परिस्थितियों में स्वीकार नहीं करता।
‘ब्लैक डे’ पर तंज: पहली बार लगा है बड़ा झटका
भाजपा द्वारा इस दिन को ‘ब्लैक डे’ (काला दिवस) बताए जाने पर Priyanka Gandhi ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार के लिए काला दिन इसलिए है क्योंकि पहली बार इन्हें इतना बड़ा राजनीतिक धक्का लगा है। अब केवल विज्ञापन और पीआर (PR) से काम नहीं चलेगा, जनता ठोस कदम चाहती है।
Priyanka Gandhi का यह कड़ा रुख साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा भारतीय राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। विपक्ष ने अपनी एकजुटता दिखाकर सरकार को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है।













