Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि झारखंड में सामने आए लगभग 47 लाख ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं (नाम सहित)की पूरी सूची तत्काल अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाए तथा प्रत्येक संबंधित मतदान केंद्र (बूथ) पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर मतदाता स्वयं अपने नाम और स्थिति का सत्यापन कर सके।
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को ASDD (Absent, Shifted, Dead, DUPLICATE) के रूप में चिह्नित किया गया है, उनकी सूची भी बिना किसी देरी के सार्वजनिक की जाए। यदि आयोग के पास सभी आंकड़े उपलब्ध हैं, तो उन्हें जनता से छिपाने का कोई औचित्य नहीं है। लोकतंत्र में पारदर्शिता ही चुनाव प्रक्रिया की सबसे बड़ी ताकत होती है।
किसी पात्र मतदाता का नाम वंचित न रहे
सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी ही मार्गदर्शिका तथा पेसा अधिनियम (PESA) के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करते हुए इन सूचियों को संबंधित ग्राम सभाओं में भी पढ़वाए, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मतदाताओं को पूरी जानकारी मिल सके और किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से वंचित न रह जाए।
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उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। ऐसे में यदि लाखों मतदाताओं की स्थिति अस्पष्ट बनी रहती है और संबंधित सूचियां सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर स्वाभाविक रूप से गंभीर प्रश्न उठेंगे। चुनाव आयोग का दायित्व केवल चुनाव संपन्न कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा करना भी है।
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कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि चुनाव आयोग बिना किसी विलंब के 47 लाख ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं तथा ASDD चिह्नित मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करे, बूथ स्तर पर प्रदर्शित करे और ग्राम सभाओं में पढ़वाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। लोकतंत्र में पारदर्शिता से पीछे हटना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

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