कोयल नदी के उफान में बह गया पढ़ाई का सामान
कृतिका कुमारी मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 स्थित बैंक कॉलोनी के पास रहती है और कक्षा पांच में पढ़ती है। हाल में हुई तेज बारिश के बाद कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। बाढ़ का पानी कृतिका के घर में भी घुस गया। घर में रखा राशन और अन्य सामान तो प्रभावित हुआ ही, उसकी किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी भी पानी में खराब हो गई। कुछ सामान तेज बहाव में बह गया, जबकि बाकी कीचड़ और गंदे पानी में खराब हो गया।आज अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार आयोजित कर जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आये आमजनों की समस्याओं/शिकायतों को सुनते हुए…@prdjharkhand pic.twitter.com/UKBTsGIz9p
— DC Palamu (@DC_Palamu) August 19, 2026
पढ़ाई छूटने के डर से मां के साथ पहुंची DC के पास
बाढ़ के बाद कृतिका के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि वह दोबारा स्कूल कैसे जाएगी। परिवार पहले ही प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा था और उसके पास नए सिरे से किताब-कॉपी और स्कूल का सामान खरीदने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इसी चिंता के साथ कृतिका अपनी मां के साथ जन समाधान दिवस पहुंची। उसने DC को अपनी परेशानी बताई और पढ़ाई जारी रखने के लिए जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। मासूम छात्रा की फरियाद सुनकर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया।DC ने 24 घंटे में शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का दिया निर्देश
कृतिका की समस्या सुनने के बाद DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को बुलाकर बच्ची की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने देने को कहा। DC ने निर्देश दिया कि 24 घंटे के भीतर कृतिका को उसके स्कूल और पाठ्यक्रम के अनुसार जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। इसमें टेक्स्ट बुक, कॉपियां, ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूल बैग और स्टेशनरी जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन के साथ समन्वय कर बच्ची को आगे भी हरसंभव सहयोग देने का निर्देश दिया गया।बाढ़ ने सामान छीना, प्रशासन की मदद से लौटी पढ़ाई की उम्मीद
कृतिका का मामला यह बताता है कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ मकान और घरेलू सामान तक सीमित नहीं रहता। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई भी इससे प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय पर मिलने वाली मदद किसी बच्चे की शिक्षा को टूटने से बचा सकती है। DC की त्वरित पहल के बाद कृतिका के लिए दोबारा स्कूल जाने और अपनी पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद मजबूत हुई है। जिस बाढ़ में उसकी किताबें और कॉपियां बह गईं, उसी घटना के बाद प्रशासन की संवेदनशील पहल ने उसके पढ़ाई के सपने को फिर से सहारा दिया है।
विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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