Viral News : उम्र के फासले और समाज की तयशुदा सोच को चुनौती देते हुए 60 वर्षीय तलाकशुदा महिला गीता ने 40 वर्षीय युवक निखिल से विवाह किया है। यह शादी न सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, बल्कि समाज में उम्र और रिश्तों को लेकर मौजूद पूर्वाग्रहों पर भी सवाल खड़े कर रही है।
गीता और निखिल की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि सहमति, भरोसा और आपसी समझ किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।
20 साल का उम्र का अंतर, समाज के ताने बने चुनौती
जब इस रिश्ते की जानकारी लोगों को हुई, तो निखिल को लगातार तानों और सवालों का सामना करना पड़ा।
‘40 साल का लड़का और 60 साल की पत्नी?’,
‘इन्हें भाभी कहें या मासी?’
जैसे सवाल इस रिश्ते को शुरू से ही कठघरे में खड़ा करते रहे।
यह सामाजिक दबाव इतना गहरा था कि गीता खुद भी कई बार यह सोचने लगीं कि शायद निखिल उनके साथ खुश नहीं रह पाएगा। हालांकि निखिल ने रिश्ते को लेकर अपनी प्रतिबद्धता साफ रखी और किसी भी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
28 साल की शादी, फिर तलाक और अकेलेपन की पीड़ा
गीता इससे पहले 28 वर्षों तक वैवाहिक जीवन में रहीं। समय के साथ पति से रिश्ते बिगड़ते चले गए। पति की अनुपस्थिति, बढ़ता गुस्सा और अंततः तलाक ने गीता को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
तलाक के एक महीने बाद ही पति द्वारा दूसरी शादी की जानकारी मिलने और बेटे के दूरी बना लेने से गीता पूरी तरह अकेली पड़ गईं। करीब पांच साल तक उन्होंने रिश्ते को संभालने की कोशिश की, लेकिन अंततः उन्हें अलग जीवन अपनाना पड़ा।
डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव में हुई मुलाकात
गीता और निखिल की पहली मुलाकात एक डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव के दौरान हुई। दोनों पहले से ही सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे को जानते थे। जानवरों के प्रति साझा लगाव ने बातचीत की शुरुआत की, जो धीरे-धीरे भरोसे और रिश्ते में बदल गई।
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तीन वर्षों तक चले इस रिश्ते को दोनों ने निजी रखा और एक-दूसरे को समझने का समय दिया।
11 दिसंबर 2020 को हुई शादी
कई सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं के बावजूद 11 दिसंबर 2020 को गीता और निखिल ने विवाह कर लिया। शुरुआत में दोनों परिवार इस रिश्ते को लेकर असहज थे, लेकिन समय के साथ निखिल की दृढ़ता और गीता के आत्मविश्वास ने परिवारों को भी राजी कर लिया।
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“हम परफेक्ट नहीं, लेकिन ईमानदार हैं”
गीता और निखिल का कहना है कि उनके विचार और अनुभव अलग हो सकते हैं, लेकिन संवाद और सम्मान उनके रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है। वे मानते हैं कि हर बहस का समाधान प्यार और बातचीत से निकलता है।
समाज के लिए संदेश
यह शादी उन सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देती है, जिनमें प्यार और विवाह को उम्र की सीमाओं में बांध दिया जाता है। गीता और निखिल की कहानी यह दिखाती है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत संभव है।













