आसनसोल: आसनसोल आने वाले वर्षों में किस तरह बदलेगा? शहर में उद्योग कहां आएंगे, बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कैसे कम होगा और आबादी बढ़ने के साथ नई सुविधाएं कहां विकसित की जाएंगी—इन सवालों को ध्यान में रखते हुए शहर के लिए लंबी अवधि की विकास योजना तैयार करने की कवायद तेज हो गई है।
राज्य सरकार की इस प्रस्तावित योजना में अगले 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक जमीन, बंद पड़े कारखानों की जमीन के दोबारा इस्तेमाल, नया टाउनशिप, दामोदर नदी पर नया पुल, वैकल्पिक सड़क और दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रस्ताव शामिल किए जा रहे हैं।
राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री और आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल के अनुसार, मास्टरप्लान केवल आज की जरूरतों को देखकर नहीं बनाया जा रहा है। इसमें आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी और वाहनों की संख्या को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
बंद कारखानों की जमीन पर फिर लौट सकता है उद्योग
आसनसोल के औद्योगिक इतिहास से जुड़ी कई इकाइयां लंबे समय से बंद हैं। अब ऐसी जमीनों का दोबारा इस्तेमाल कर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
हिंदुस्तान लीवर, ब्लू फैक्ट्री और हिंदुस्तान केबल्स जैसी बंद औद्योगिक इकाइयों की जमीन को फिर से औद्योगिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के सामने रखा गया है।
हालांकि, कुछ जमीनें कानूनी विवादों में फंसी हुई हैं। ऐसे में इन विवादों का समाधान इस योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अगर इन जमीनों का पुन: उपयोग संभव होता है तो आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्योग और निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता बढ़ सकती है।
दामोदर पर नया पुल, आसनसोल-बांकुड़ा कनेक्टिविटी पर जोर
मास्टरप्लान में केवल शहर के भीतर की सड़कें ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से कनेक्टिविटी सुधारने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
दामोदर नदी पर नए पुल की योजना इसी का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आसनसोल और बांकुड़ा के बीच आवागमन को बेहतर करना है। मंत्री के अनुसार, RITES के माध्यम से सर्वे का काम काफी आगे बढ़ चुका है।
हालांकि, पुल के निर्माण की अंतिम समयसीमा और परियोजना की लागत को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
कालीपहाड़ी से दामोदर तक वैकल्पिक सड़क
आसनसोल में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए कालीपहाड़ी से दामोदर की दिशा में वैकल्पिक सड़क विकसित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
इस सड़क का उद्देश्य शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो शहर के अंदर आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार हो सकता है।
पुराने टाउनशिप की तर्ज पर नया शहर बसाने की तैयारी
आसनसोल के विस्तार को देखते हुए एक नए योजनाबद्ध टाउनशिप की संभावना भी तलाश की जा रही है।
प्रस्तावित टाउनशिप में सड़क, नागरिक सुविधाएं और दूसरी जरूरी बुनियादी सुविधाओं को पहले से योजना के तहत विकसित करने की बात है। यानी शहर के विस्तार को बाद में संभालने के बजाय पहले से प्लान करने की कोशिश की जा रही है।
दुर्गापुर-आसनसोल के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव
आने वाले वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए दुर्गापुर-आसनसोल औद्योगिक कॉरिडोर में एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना भी मास्टरप्लान में शामिल की जा रही है।
इसका उद्देश्य व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और लंबी दूरी के यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करना है।
अगले 30 साल के लिए आसनसोल की तस्वीर बदलने की कोशिश
पूरी योजना को देखें तो आसनसोल के विकास का फोकस तीन बड़े हिस्सों पर नजर आता है—उद्योग के लिए जमीन, बढ़ते शहर के लिए नई बुनियादी सुविधाएं और ट्रैफिक से निपटने की तैयारी।
बंद कारखानों की जमीन का इस्तेमाल, नया टाउनशिप, दामोदर पर पुल, वैकल्पिक सड़क और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रस्ताव अगर योजना से आगे बढ़कर जमीन पर उतरते हैं, तो आसनसोल के औद्योगिक और शहरी ढांचे में बदलाव आ सकता है।
फिलहाल इनमें से कई योजनाएं प्रस्ताव और योजना के स्तर पर हैं। इनके लिए जमीन, मंजूरी, बजट और समयसीमा जैसे पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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