Ranchi: झारखंड में JPSC की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं और उनके परिणामों को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस वार्ता में हेमंत सोरेन सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली पारदर्शी नहीं है और इससे लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कटऑफ सार्वजनिक नहीं, परिणामों पर सभी सदस्यों के हस्ताक्षर भी नहीं
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया गया और परिणामों पर सभी सदस्यों के हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड नहीं मिलने का भी आरोप लगाया, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा नेता ने OMR शीट में कथित गड़बड़ियों का भी मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों के अंक सामान्य मूल्यांकन से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे परिणाम संदेह पैदा करते हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
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JPSC की पीटी परीक्षा रद्द कर CBI जांच कराई जाए
भाजपा ने मांग की है कि JPSC की पीटी परीक्षा रद्द कर CBI जांच कराई जाए। साथ ही कटऑफ, मेरिट लिस्ट, मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। प्रतुल शाहदेव ने छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील भी की। वहीं, इस मामले पर सरकार या JPSC की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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