Ranchi (टाटीसिल्वे) : रांची में SSC GD परीक्षा 2026 के दौरान बड़ा ऑनलाइन एग्जाम स्कैम सामने आया है। टाटीसिलवे के परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर सिस्टम हैक कर छात्रों को पास कराने का खेल चल रहा था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और खुलासा हुआ है कि 6 से 10 लाख रुपये लेकर सेटिंग की जा रही थी।
कैसे हुआ इस हाईटेक चोरी का खुलासा
रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी और डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था।
जांच में पता चला कि लैब-1 में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले एक इनविजिलेटर (निरीक्षक) के कहने पर कंप्यूटर को रि-स्टार्ट किया गया। यह सामान्य प्रक्रिया नहीं थी। रि-स्टार्ट होते ही कंप्यूटर का कंट्रोल सेंटर से हटकर कहीं और चला गया। पुलिस ने पाया कि सिस्टम की स्क्रीन मिररिंग की जा रही थी, यानी परीक्षार्थी जो देख रहा था, उसे कहीं दूर बैठा कोई और शख्स हल कर रहा था।
10 लाख की ‘डील’ और बिहार कनेक्शन
पकड़े गए मुख्य आरोपी और परीक्षार्थी मृत्युंजय कुमार यादव (सिवान, बिहार) ने पुलिस को बताया कि यह खेल 6 लाख से 10 लाख रुपये के बीच खेला जा रहा था। गिरोह के सदस्य बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और गारंटी के साथ परीक्षा पास कराने का सौदा करते थे। सुरक्षा के तौर पर परीक्षार्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Original Certificates) और बैंक चेक गिरोह अपने पास रख लेता था।
पड़ोसी के घर से चल रहा था ‘रिमोट कंट्रोल’
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि परीक्षा केंद्र के ठीक सामने राजू मुंडा नामक व्यक्ति के घर में किराए पर रह रहे केंद्र अधीक्षक विकास कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज ने अपना सेटअप लगा रखा था। वहां से इंटरनेट और आईपी एड्रेस के जरिए परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों को हैक किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
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मृत्युंजय कुमार यादव (20 वर्ष): परीक्षार्थी, निवासी- सिवान, बिहार।
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संजीत कुमार (25 वर्ष): इनविजिलेटर, निवासी- नालंदा, बिहार।
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विकास कुमार (29 वर्ष): केन्द्राधीक्षक, निवासी- नालंदा, बिहार।
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मुन्ना राज (29 वर्ष): आईटी कर्मी, निवासी- पटना, बिहार।
बरामद सामग्री
पुलिस ने मौके से 3 सीपीयू, 2 मॉनिटर, वाईफाई डिवाइस, 3 एंड्रॉयड मोबाइल, एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और 5 बैंक चेक समेत कई शैक्षणिक दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों पर ‘The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act- 2024’ की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लगातार हो रहे एग्जाम स्कैम से मेहनत करने वाले छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। देशभर में एक के बाद एक कर कई परीक्षाएं धांधली की भेंट चढ़ जा रही है। इसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।










