नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET 2026 पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।
6 जून से जारी है CJP का आंदोलन
CJP ने अपने ज्ञापन में कहा कि संगठन ने 6 जून से देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे। इसके बाद 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। संगठन के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े और उन्होंने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की, जो 20 जुलाई तक जारी है।
इस बीच सरकार की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई है, लेकिन CJP का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
NEET 2026 पेपर लीक को लेकर लगाए गंभीर आरोप
ज्ञापन में CJP ने आरोप लगाया कि NEET 2026 पेपर लीक समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में गंभीर लापरवाही हुई। संगठन का दावा है कि पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या की। इसके अलावा CBSE 12वीं के पोर्टल में आई तकनीकी समस्याओं और CUET परीक्षा में देरी जैसे मामलों का भी उल्लेख किया गया।
संगठन का आरोप है कि इन घटनाओं के बावजूद शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
CJP ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
- सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए।
- NEET 2026 पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
“अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला”
CJP नेता सौरव दास ने कहा कि वह और आशुतोष रंका दोपहर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद रहे और उन्होंने संगठन की सभी मांगें विस्तार से रखीं।
सौरव दास के अनुसार, मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मुद्दे को उचित स्तर पर उठाएंगे। हालांकि अभी तक किसी भी मांग पर कोई अंतिम या ठोस आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और CJP के बीच गतिरोध बरकरार
CJP और केंद्र सरकार के बीच फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन अब तक किसी सहमति की घोषणा नहीं हुई है। संगठन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा, जबकि सरकार लगातार धरना समाप्त करने की अपील कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार की ओर से क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।









