रांची: राजधानी Ranchi के फिरायालाल चौक पर सोमवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
संगठनों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने वांगचुक की गिरफ्तारी और छात्र-युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की।
“देश का छात्र-युवा अब जाग चुका है”
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की भागीदारी यह संकेत देती है कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
नेताओं ने कहा कि NEET 2026 पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक इस मुद्दे पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
परीक्षा प्रणाली और NTA पर उठाए सवाल
SFI और DYFI ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों ने लाखों छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और युवाओं के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भी आलोचना करते हुए कहा गया कि यह शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देती है।
कई संगठनों का समर्थन मिलने का दावा
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि दिल्ली में चल रहे आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अलावा कई वामपंथी छात्र और युवा संगठनों का समर्थन प्राप्त है। उनका कहना है कि यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
प्रदर्शन में ये नेता रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में DYFI के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय पासवान, राज्य संयोजक मोहन मंडल, कपिल महतो तथा SFI के राज्य संयोजक दानिश, सोनाली कुमारी, श्रीचरण कुनाई, अमन, बुधराम, अमित मुंडा, पूर्व छात्र नेता रंजीत मोदक, फैजान, सांची, खुशबू, सुमायरा, औरंगजेब, अंजु, सीता मरांडी, भवानी किस्कु, प्रेम रवानी, इरफान अंसारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









