Jharkhand News: सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कल कैबिनेट की हुई अहम बैठक में पेसा (PESA) कानून पर अपनी मुहर लगा दी। इसके साथ ही अब राज्य में ग्राम सभा को नई मजबूती मिलने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दी है। इस दौरान कई आदिवासी समाज के लोगों ने सीएम हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया है।
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PESA कानून लागू करने पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने सीएम से की मुलाकात
राजधानी रांची के ऑड्रे हाउस परिसर में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय शासन महोत्सव कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान संथाल समाज के लोगों ने पेसा कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सीएम का आभार व्यक्त किया। समापन के बाद पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पेसा नियमावली को मंजूरी देने और महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आभार जताया।
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PESA कानून से जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभा का राज
इस फैसले के बाद राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों में गांव की सरकार यानी ग्राम सभा को वास्तविक शक्ति मिलने की उम्मीद जगी है। पेसा नियमों के लागू होने से ग्राम सभा अब स्थानीय जल, जंगल और जमीन से जुड़े फैसलों में निर्णायक भूमिका निभा सकेगी। इसके साथ ही सामाजिक और आर्थिक विकास योजनाओं की निगरानी, पारंपरिक संस्थाओं का संरक्षण और स्थानीय विवादों के समाधान की जिम्मेदारी भी ग्राम स्तर पर तय की गई है।
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महोत्सव के दौरान पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने, ग्राम सभा को केंद्र में लाने और पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को नई ऊर्जा देने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि पेसा केवल एक कानून नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और भागीदारी का आधार है। सरकार की कोशिश है कि यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों में वास्तविक बदलाव का माध्यम बने।












