Ranchi News: रांची में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए गुटखा, खैनी और सिगरेट पर प्रतिबंध के बावजूद राजधानी की सड़कों और स्कूल-कॉलेज के आसपास इन तंबाकू उत्पादों की बिक्री खुलकर हो रही है। दुकानदार प्रशासन की उदासीनता का लाभ उठाकर बेखौफ होकर गुटखा, खैनी और सिगरेट बेच रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट आदेश जारी किया था, लेकिन आज तक किसी इलाके में छापेमारी या कार्रवाई नहीं हुई।
गुटखा और सिगरेट की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 रुपये में बिकने वाला गुटखा अब 7 रुपये में उपलब्ध है, वहीं 10 रुपये की सिगरेट अब 15 रुपये में बिक रही है। दुकानदारों के अनुसार अतिरिक्त मुनाफा इन्हें और बेखौफ बना रहा है।
सड़कों पर तंबाकू और नशीले पदार्थों की बढ़ती बिक्री के साथ ही राजधानी अब नशे की चपेट में आ रही है। रविवार को कांके स्थित वेटनरी कॉलेज के पास पुलिस ने एक ड्रग पैडलर को 33 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। स्कूल-कॉलेज के आसपास नाबालिग और कॉलेज की लड़कियां भी अब नशीले पदार्थों की खरीदार बन गई हैं।
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मारवाड़ी कॉलेज (गर्ल्स और बॉयज) और मोरहाबादी मैदान के आसपास चाय के स्टॉल और दुकानों पर गुटखा, सिगरेट और गांजा आसानी से उपलब्ध हैं। स्कूल और कॉलेज यूनिफॉर्म में कई नाबालिग नशा करते देखे गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की उदासीनता पर चिंता जताई है।
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री पर गहरी चिंता जताई है, लेकिन प्रशासन केवल जुर्माना वसूल करने तक सीमित दिखाई दे रहा है। राजधानी में बढ़ती इस समस्या से न केवल युवाओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
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