₹2,500 तक बढ़ाई जाए सहायता राशि
आंदोलन संघ की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की तर्ज पर दिव्यांग, वृद्ध और विधवा वर्ग को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाना शामिल है। आवेदन में मौजूदा ₹1,000 की राशि को बढ़ाकर कम से कम ₹2,500 प्रति माह करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में ₹1,000 की सहायता राशि से जरूरतमंद लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल है। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की राशि में व्यावहारिक बढ़ोतरी जरूरी है।राज्य निशक्तता आयुक्त के पद पर दिव्यांग व्यक्ति की नियुक्ति की मांग
दिव्यांग आंदोलन संघ ने राज्य निशक्तता आयुक्त के पद को स्वतंत्र रूप से भरने की भी मांग की है। संघ चाहता है कि इस महत्वपूर्ण पद पर किसी दिव्यांग व्यक्ति की नियुक्ति की जाए, ताकि दिव्यांग समुदाय की समस्याओं और अधिकारों को बेहतर तरीके से समझते हुए उनका समाधान किया जा सके।RPwD Act 2016 को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग
आवेदन में Rights of Persons with Disabilities (RPwD) Act, 2016 को झारखंड में प्रभावी रूप से लागू करने पर भी जोर दिया गया है। संघ ने राज्य के विभिन्न विभागों, विश्वविद्यालयों, शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और अन्य संस्थानों में दिव्यांगजनों के अधिकारों और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को लागू करने की मांग की है। संघ की ओर से आरक्षण के प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने की मांग भी उठाई गई है। उनका कहना है कि कानून में प्रावधान होने के बावजूद कई क्षेत्रों में दिव्यांगजनों को उनका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।737 दिनों से जारी है धरना, अब समाधान की मांग
संघ ने अपने आवेदन में कहा है कि दिव्यांग पीड़ित समाज की ओर से 737 दिनों से लोक भवन के समक्ष धरना दिया जा रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि झारखंड के दिव्यांग और अन्य संवेदनशील वर्गों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए और लंबे समय से चल रहे धरने को समाप्त कराने की दिशा में ठोस पहल की जाए।आंदोलन संघ की प्रमुख मांगें
- दिव्यांग, वृद्ध और विधवा वर्ग की सहायता राशि ₹1,000 से बढ़ाकर कम से कम ₹2,500 की जाए।
- राज्य निशक्तता आयुक्त का पद स्वतंत्र रूप से भरा जाए।
- इस पद पर किसी दिव्यांग व्यक्ति को नियुक्त किया जाए।
- RPwD Act 2016 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
- शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और संस्थानों में दिव्यांगजनों को मिलने वाले अधिकार एवं आरक्षण सुनिश्चित किए जाएं।
- 737 दिनों से जारी धरने की मांगों पर सरकार जल्द निर्णय लेकर आंदोलन समाप्त कराने की पहल करे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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