रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (PT) परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से राज्यभर में छात्रों के बीच भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। रिजल्ट में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
इस पूरे मामले को लेकर कई अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अपनी शिकायतें भेजीं। छात्रों ने आरोप लगाया कि परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया। इसी क्रम में CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम मंगलवार को JPSC कार्यालय पहुंची, जहां पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच शुरू की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच का उद्देश्य छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष पड़ताल करना और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना है। फिलहाल जांच एजेंसियां आयोग के अधिकारियों से आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं।
उधर, छात्र संगठनों का कहना है कि वे जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे, लेकिन यदि उनकी शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अब सभी की नजर CID और रांची पुलिस की जांच पर टिकी है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे 14वीं JPSC पीटी परीक्षा परिणाम को लेकर उठे विवाद पर स्थिति स्पष्ट हो सके।








