Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। मिली जानकारी के मुताबिक, नेपाल में अबतक 175 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल खराब मौसम, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के बीच प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
Nepal Flood: नेपाल में कुल 826 लोग लापता हैं
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, नेपाल में कुल 826 लोग लापता हैं। इनमें 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक शामिल हैं। चीन की सरकारी वेबसाइट CCTV के अनुसार, तिब्बत में 550 से ज्यादा लोगों का अभी सुराग नहीं मिला है।
नेपाल के रसुवा जिले का टिमुरे इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में है। नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक हैं।
Nepal Flood: 5.2 तीव्रता के भूकंप दर्ज
बुधवार सुबह 8:37 बजे सीमा क्षेत्र में तेज झटके महसूस किए गए थे। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया। बाद में स्पष्ट हुआ कि ल्हेंदे खोला नदी में बर्फ और चट्टानों के साथ पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से यह झटका पैदा हुआ था। USGS ने बाद में इसे 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा दर्ज किया, लेकिन इसकी वजह भूस्खलन बताई।
ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है और आगे इसका जल तंत्र नेपाल के मैदानी इलाकों तक पहुंचता है।
Nepal Flood: भारत ने नेपाल को भेजी राहत सामग्री
इस बीच भारत ने नेपाल के लिए राहत की दूसरी खेप रवाना की है। भारतीय वायुसेना के विमान से 37.5 टन राहत सामग्री, जरूरी दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं। इससे पहले 10 टन की पहली खेप भेजी गई थी। दोनों खेप मिलाकर भारत अब तक 47.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संपर्क में है और राहत-बचाव अभियान में हरसंभव सहयोग जारी रखेगा।

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