नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में चल रही बहस के बीच शुक्रवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने देर रात करीब 12 बजे भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक आज संसद में पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के इस आश्वासन के बाद रात 12:40 बजे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम को देश के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पेपर लीक पर सख्त कानून लाने का आश्वासन
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए नया कानून लाया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना है ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य किसी भी तरह प्रभावित न हो।
बिना इस्तीफा लिए अनशन तोड़ने पर सोनम वांगचुक बोल रहे हैं कि "इस्तीफे से कहीं ज्यादा नुकसान अब BJP का हो रहा है। आप लोगों ने कहा मेरी जान कीमती है तो मैंने हंगर स्ट्राइक खत्म कर दिया है।"
— Samar Raj (@SamarRaj_) July 24, 2026
सच्चाई यह है कि अब लाखों युवाओं ने प्रोटेस्ट को अपना लिया है, निःसंदेह इन सबमें सोनम का सबसे… pic.twitter.com/iIqOicv9FV
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ अनशन
प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने वादे पर अमल करती है और संसद में मजबूत कानून लाती है, तो यह देश के युवाओं के हित में एक बड़ा कदम साबित होगा।
अनशन समाप्त होने के बाद वहां मौजूद समर्थकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब पेपर लीक जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी।
युवाओं को नए कानून से बड़ी उम्मीद
पिछले कुछ वर्षों में देश के कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिरा और परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े हुए।
ऐसे में यदि सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाती है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करती है, तो इससे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करना इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें संसद पर टिकी हैं, जहां पेपर लीक पर सख्त कानून से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को पेश किए जाने की उम्मीद है। यदि यह कानून लागू होता है, तो प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की सुरक्षा की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जाएगा।
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