Delhi Blast : दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सुरक्षा एजेंसियों के हाथ ऐसे सुराग लग रहे हैं जो एक बड़े “सफेदपोश आतंकी नेटवर्क” की ओर इशारा कर रहे हैं। इस धमाके में 13 लोगों की जान गई थी। जांच में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद की भूमिका अहम मानी जा रही है।
Read More-दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल की तीसरी कार भी बरामद, चौथी की तलाश में टीमें जुटीं
मसूद अजहर से कनेक्शन की आशंका, भतीजे की पत्नी से थी संपर्क में
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन सईद का नाम जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला शाखा “जमात-उल-मोमिनात” से जुड़ने के आरोप में सामने आया है। एजेंसियों को पता चला है कि शाहीन की सीधी बातचीत अफीरा बीबी से होती थी, जो मसूद अजहर के भतीजे उमर फारूक की पत्नी है। कहा जा रहा है कि अफीरा और मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के इशारे पर शाहीन ने भारत में महिला कट्टरपंथी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की थी।
कॉलेज में मेडिकल टॉपर रही थी शाहीन
2015 में डॉ. शाहीन की जिंदगी ने करवट ली थी। लखनऊ की रहने वाली शाहीन ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद से एमबीबीएस और एमडी किया उसके बाद 2006 में यूपीपीएससी के जरिए कानपुर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं। शाहीन की शादी महाराष्ट्र के रहने वाले जफर हयात से हुआ था।
Read More-200 बमो से 26/11 जैसी हमले की थी प्लानिंग, लाल किला ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा
हालांकि साल 2015 में डॉ. जफर हयात से टूट गया। तलाक के बाद वह सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ गईं और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जॉब जॉइन कर ली। माना जा रहा है कि इसी दौरान वह चरमपंथी विचारधारा के संपर्क में आईं।
शाहीन कभी कट्टरपंथी नहीं थीं-पति ने किये खुलासे
उनके पूर्व पति ने कहा कि शाहीन कभी कट्टरपंथी नहीं थीं, न ही उन्होंने बुर्का पहनने की परंपरा निभाई। वे अपने बच्चों के लिए एक जिम्मेदार और संवेदनशील मां थीं, जो बस बेहतर करियर की तलाश में थीं। वहीं, उनके भाई ने भी आतंक से जुड़ाव के आरोपों पर अविश्वास जताया है।
Read More-Breaking News : कैबिनेट की बैठक खत्म, कुल 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर
एजेंसियों को शक है कि शाहीन के जरिए जैश को आर्थिक मदद और नेटवर्क विस्तार का रास्ता मिला। इस बीच, एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस 2015 से 2023 के बीच उनके डिजिटल रिकॉर्ड और ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही हैं। यही दस्तावेज़ यह समझने की कुंजी हो सकते हैं कि एक काबिल डॉक्टर कैसे धीरे-धीरे आतंक की छाया में पहुंच गई।

I have four years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.









