Ranchi : झारखण्ड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के रसायन विज्ञान विभाग में आज एंटी रैगिंग जागरूकता के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह के तहत किया गया था, जिसमें यूजी एवं पीजी के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, वाद-विवाद, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता शामिल थीं।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनकी रचनात्मकता, जागरूकता और सक्रिय भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (चीफ प्रॉक्टर) डॉ अमरेंद्र कुमार मौजूद थे। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देते हुए डॉ कुमार ने विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “यह विश्वविद्यालय के सभी विभागों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में से एक उत्कृष्ट आयोजन है। ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को रैगिंग के प्रति जागरूक बनाते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच भी विकसित करते हैं।”
मुख्य प्रतियोगिताओं में वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जगन्यासेनी कांता ने जीता, जबकि निबंध प्रतियोगिता में स्नातक और परास्नातक बैच से दो अलग-अलग प्रथम पुरस्कार विजेता थे – परास्नातक बैच से विजेता भोलेश्वर नायक और स्नातक बैच से संचाली बिस्वास। क्विज प्रतियोगिता में सोनू कुमारी, संचाली बिस्वास, स्वीटी कुमारी, तनुश्री, सुष्मिता जेना विजेता थे। पोस्टर मेकिंग में ब्रतिति मैती, शीतल कुमारी, श्रद्धा सुमन और सुप्रिया कुमारी, तिलिक्सा मण्डल, दीप्तिमई किशन, संस्कृति चंदेल, जगगयासेनी कांता एवं आंचल मेहर विजेता बने। बाकी सभी विजेताओं को भी प्रशस्ति पत्र दिए गए।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष, प्रो. अरुण कुमार पाढ़ी ने मुख्य अतिथि एवं सभी का स्वागत करते हुए छात्रों के उत्साह और सहभागिता की प्रशंसा की। कार्यक्रम में जनसंपर्क अधिकारी (इंचार्ज) डॉ. सुदर्शन यादव भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन, डॉ. रमेश उरांव ने किया। प्रो. पाढ़ी ने कहा कि शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीमवर्क, संचार कौशल तथा एक सम्मानजनक परिसर वातावरण बनाने की भावना विकसित करती हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित थे। डॉ सोमेन डे, डॉ राजबहादुर सिंह, डॉ पार्था घोष, डॉ अरविंद लाल, डॉ सिमोन संगमा आदि मौजूद थे।












