Dhanbad: कहते हैं प्यार की कोई सीमा नहीं होती और जब इरादे मजबूत हों, तो दूरियां खुद-ब-खुद मिट जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आज तेतुलमारी में लोगों को देखने को मिला, जब बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली प्रेमिका काजल अपने प्यार को पाने के लिए सात समंदर पार तो नहीं, लेकिन तमाम दूरियां मिटाकर सीधे अपने प्रेमी बिट्टू के घर पहुंच गई।
जैसे ही औरंगाबाद से एक लड़की के अचानक बिट्टू के घर पहुंचने की सूचना मिली, यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते प्रेमी के घर के बाहर ग्रामीणों और आस-पास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस अनोखे प्रेम की कहानी को अपनी आँखों से देखना चाहता था।
दोनों के परिजनों की मौजूदगी में मंदिर में शादी
मामले की गंभीरता और दोनों के बीच के सच्चे प्रेम को देखते हुए प्रेमी के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने एक सराहनीय फैसला लिया। आपसी रजामंदी और समाज की मौजूदगी में, दोनों की शादी कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद, बिना किसी देरी के गांव के ही नवनिर्मित देवी मंदिर परिसर में विवाह की रस्में शुरू की गईं।
प्रेमी बिट्टू और प्रेमिका काजल ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ, अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली और सात फेरे लिए। इस अनोखी शादी की खबर सुनकर आस-पास के इलाकों से भी भारी संख्या में लोग मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। विवाह संपन्न होने के बाद, न सिर्फ प्रेमी के परिजनों ने बल्कि उपस्थित ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने नवदंपति को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।










