Himachal Pradesh: बीती रात हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण तबाही मच गई है. कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात लोग लापता हैं. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है और प्रभावित इलाकों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है. बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं
मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बीती रात भारी बारिश के साथ बादल फटने की घटनाएं हुईं. इन इलाकों में करसोग का पुराना बाजार (पंजराट), कुट्टी, बरल, ममेल, और भ्याल प्रमुख रूप से प्रभावित हुए हैं. यहां फ्लैश फ्लड ने कई गाड़ियों को बहा दिया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ. करसोग में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई गाड़ियां नदी में बह गईं.
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सात लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गोहर उपमंडल के स्यांज नाले में एक घर फ्लैश फ्लड में बह गया, जिसमें मां-बेटी की जान बच गई, लेकिन सात लोग सैलाब में बह गए. लापता लोगों की पहचान की गई है:
पदम सिंह (75), बागा गांव
देवकू देवी (70), बागा गांव
झाबे राम (50), पंगलयूर
पार्वती देवी (47), पंगलयूर
सुरमि देवी (70), पंगलयूर
इंद्र देव (29), पंगलयूर
उमावती (27), पंगलयूर
यह लापता लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं.
संकट में लोगों की मदद के लिए प्रशासन सक्रिय
मंडी जिले में बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने और सड़कों के बंद होने के बाद राहत कार्यों की गति तेज कर दी गई है. धर्मपुर के सुंदल गांव में काफलवानी माता मंदिर के पास नाले में भी भयंकर बाढ़ आई थी, लेकिन राहत की बात यह है कि यहां किसी को नुकसान नहीं हुआ.
पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ा, खतरे का अलर्ट
मंडी जिले के पंडोह डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. वर्तमान में डैम का जलस्तर 2922 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि खतरे का निशान 2941 फीट है. सुरक्षा के मद्देनज़र, ब्यास नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है.
सड़कें और स्कूल बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बारिश के कारण मंडी जिले में कुल 261 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद कर दिया है और लोगों से अपील की है कि वे बिना कारण घर से बाहर न निकलें.
राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके.













